Uday Bansal

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Uday Bansal shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Uday Bansal's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Nazm
जबकभीमैंअपनीकोई
पुरानीलिखीनज़्मउठाऊँ
तोवोकुछबदलीबदलीसीलगतीहै
उसेजितनीबारपढ़ोउतनीहीबार
मेरीरायउसकेबारेमेंबदलनेलगतीहै
किकभीनज़्मजीकोअच्छीलगतीहै
तोकभीअखरतीहै
कभीचेहरेपेमुस्कानतोकभीमाथेपेशिकन
आनेलगतीहै
इसउलझनकाक्याकोईहलहै
क्यामैंअपनेक़लमपेभरोसाकर
अपनीचिंताओंकोनज़र-अंदाज़कर
अपनीनज़्मेंदुनियाकेहवालेकरसकताहूँ
क्यामैंयेजोखमलेसकताहूँ
नतीजाकुछभीहो
मोतीकीतलाशमेंसमुंदरकीगहराइयोंमें
ग़ोता-ख़ोरजानेसेख़ुदकोरोकनहींसकता
बारिशहोहोफ़स्लउगेउगे
किसानबोवाईकरनाहलचलानाछोड़नहींसकता
अगरग़ौरकियाजाए
तोजोखमवोमोललेरहाहै
जोमेरीनज़्मेंपढ़नेवालाहै
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हथियारहाथमेंलिएसाँसरोकेआँखेंखोले
शिकारकीताकमेंबैठाहूँमैंचूककीकोईगुंजाइशहीनहीं
ज़रासीभीनहीं
किहल्कीसेहल्कीहरकतपर
आँखोंसेओझलहोजानेकेलिएमशहूरहैमेराशिकार
बिजलीसातेज़लोमड़ीसाचालाक-ओ-चतुरहैमिराशिकार
बड़ाहीजोखमभराखेलहैशिकार
आँखऔरकानबचाकर
सीधेआँखपरधावाबोलताहैमेराशिकार
औरऐसीख़ौफ़नाकआवाज़
रातोंकीनींदउड़ादेताहैमेराशिकार
शिकारखिलाड़ियोंकाखेल
शिकारताज-ओ-तख़्तवालोंकाखेल
राजामहाराजानवाबअफ़सर
जागीर-दारज़मींदारवॉय्सरॉयगवर्नर
सदियोंसेसाहिबोंकोमसरूफ़रखतायेखेल
मैंभीकोईख़ालीनहींबैठा
हथियारहाथमेंलिए
साँसरोकेआँखेंखोले
शिकारकीताकमेंबैठाहूँमैं
खिड़कीकेपारअख़बारमोड़ेबे-ख़ौफ़
मक्खीकेइंतिज़ारमेंबैठाहूँमैं
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