kuchh roz main is KHaak ke parde men rahoonga | कुछ रोज़ मैं इस ख़ाक के पर्दे में रहूँगा

  - Rafiq Sandelvi
कुछरोज़मैंइसख़ाककेपर्देमेंरहूँगा
फिरदूरकिसीनूरकेहालेमेंरहूँगा
रक्खूँगाकभीधूपकीचोटीपेरिहाइश
पानीकीतरहअब्रकेटुकड़ेमेंरहूँगा
येशबभीगुज़रजाएगीतारोंसेबिछड़कर
येशबभीमैंकोहसारकेदर्रेमेंरहूँगा
सूरजकीतरहमौतमिरेसरपेरहेगी
मैंशामतलकजानकेख़तरेमेंरहूँगा
उभरेगीमिरेज़ेहनकेख़लियोंसेनईशक्ल
कबतकमैंकिसीबर्फ़केमलबेमेंरहूँगा
  - Rafiq Sandelvi
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