राज़-ए-दिलक्यूँँनकहूँसामनेदीवानोंके
येतोवोलोगहैंअपनोंकेनबेगानोंके
वोभीक्यादौरथेसाक़ीतिरेमस्तानोंके
रास्तेराहतकाकरतेथेमय-ख़ानोंके
बादलोंपरयेइशारेतिरेदीवानोंके
टुकड़ेपहुँचेहैंकहाँउड़केगरेबानोंके
रास्तेबंदकिएदेतेहोदीवानोंके
ढेरलगजाएँगेबस्तीमेंगरेबानोंके
नअज़ाँदेतानहुशियारबरहमनहोता
दरतोउसशैख़नेखुलवाएहैंबुतख़ानोंके
आपदिन-रातसँवाराकरेंगेसूतोक्या
कहींहालातबदलतेहैंपरेशानोंके
मनअ'करगिर्या-ए-शबनमपेनयेफूलहँसें
लालेपड़जाएँगेऐबाद-ए-सबाजानोंके
क्याज़मानाथाउधरशामइधरहाथमेंजाम
सुब्हतकदौरचलाकरतेथेपैमानोंके
वोभीक्यादिनथेउधरशामइधरहाथमेंजाम
अबतोरस्तेभीरहेयादनमय-ख़ानोंके
आजतकतोमिरीकश्तीनेनपाईमंज़िल
क़ाफ़िलेसैंकड़ोंगुमहोगएतूफ़ानोंके
ख़ाक-ए-सहरापेलकीरेंहैंउन्हेंफिरदेखो
कहींयेख़तनहोंलिक्खेहुएदीवानोंके
देखिएचर्ख़पेतारेभीहैंक्याबे-तरतीब
जैसेबिखरेहुएटुकड़ेमिरेपैमानोंके
हाथख़ालीहैंमगरमुल्क-ए-अदमकाहैसफ़र
हौसलेदेखिएउनबे-सर-ओ-सामानोंके
सरझुकाएहुएबैठेहैंजोका'बेमें'क़मर'
ऐसेहोतेहैंनिकालेहुएबुतख़ानोंके