ab to munh se bol mujh ko dekh din bhar ho gaya | अब तो मुँह से बोल मुझ को देख दिन भर हो गया

  - Qamar Jalalvi
अबतोमुँहसेबोलमुझकोदेखदिनभरहोगया
बुत-ए-ख़ामोशक्यासच-मुचकापत्थरहोगया
अबतोचुपहोबाग़मेंनालोंसेमहशरहोगया
येभीबुलबुलकोईसय्यादकाघरहोगया
इल्तिमास-ए-क़त्लपरकहतेहोफ़ुर्सतहीनहीं
अबतुम्हेंइतनाग़ुरूरअल्लाहु-अकबरहोगया
महफ़िल-ए-दुश्मनमेंजोगुज़रीवोमेरेदिलसेपूछ
हरइशाराजुम्बिश-ए-अबरूकाख़ंजरहोगया
आशियानेकाबताएँक्यापताख़ाना-ब-दोश
चारतिनकेरखलिएजिसशाख़परघरहोगया
हिर्सतोदेखोफ़लकभीमुझपेकरताहैसितम
कोईपूछेतोभीक्याउनकेबराबरहोगया
सोख़्तादिलमेंमिलतातीरकोख़ूँ'क़मर'
येभीकुछमेहमाँकीक़िस्मतसेमुयस्सरहोगया
  - Qamar Jalalvi
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