kab meraa nasheman ahl-e-chaman gulshan men gawara karte hain | कब मेरा नशेमन अहल-ए-चमन गुलशन में गवारा करते हैं

  - Qamar Jalalvi
कबमेरानशेमनअहल-ए-चमनगुलशनमेंगवाराकरतेहैं
ग़ुंचेअपनीआवाज़ोंमेंबिजलीकोपुकाराकरतेहैं
अबनज़्अ'काआलमहैमुझपरतुमअपनीमोहब्बतवापसलो
जबकश्तीडूबनेलगतीहैतोबोझउताराकरतेहैं
जातीहुईमय्यतदेखकेभीवल्लाहतुमउठकेसके
दोचारक़दमतोदुश्मनभीतकलीफ़गवाराकरतेहैं
बे-वजहजानेक्यूँँज़िदहैउनकोशब-ए-फ़ुर्क़तवालोंसे
वोरातबढ़ादेनेकेलिएगेसूकोसँवाराकरतेहैं
पोंछोअरक़रुख़्सारोंसेरंगीनी-ए-हुस्नकोबढ़नेदो
सुनतेहैंकिशबनमकेक़तरेफूलोंकोनिखाराकरतेहैं
कुछहुस्नइश्क़मेंफ़र्क़नहींहैभीतोफ़क़तरुस्वाईका
तुमहोकिगवाराकरसकेहमहैंकिगवाराकरतेहैं
तारोंकीबहारोंमेंभी'क़मर'तुमअफ़्सुर्दासरहतेहो
फूलोंकोतोदेखोकाँटोंमेंहँसहँसकेगुज़ाराकरतेहैं
  - Qamar Jalalvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy