रातकेआख़िरीपहर
मैंनेमुक़द्दसफ़्लाईकीसरहदपे
पाँवरखा
उसकेसब्ज़पैरहनकीख़ुश्बू
मेरेइस्तिक़बालकेलिएमौजूदथी
मेरेख़ाक-आलूदघुटनोंने
ज़मीनकीखुशबू-दारनाफ़कोछुआ
तोमैंने
अपनामल्बूसचाककरडाला
वोपेपर्सकेजंगलोंकेशुमालीकिनारेपेबैठी
नीलकेपानियोंकोकातरहीथी
उसनेमेरेख़ाक-आलूदचेहरेको
नीलकाआईनादिखाया
हममुतबर्रिकतेलकेनमकीनचराग़हथेलियोंपेरखे
शहर-ए-पनाहकीतरफ़चलदिए
जहाँदेवता
बारयाबीकेमुंतज़िरथे
हमारेक़दमोंकीआहटपाकर
मुक़द्दसफाटककेसुनहरेकिवाड़
ज़मीनकेआख़िरीकिनारोंतकखुलगए
औरशहरकीइत्र-बेज़गलियाँ
हमारेतलवेचूमनेलगीं
हमारेसुरोंपेफैले
आसमानकेसफ़ेदवरक़पर
परिंदोंकेलिएहर्फ़इम्तिनाअलिखाथा
हमख़ुदावंदअसरकीज़ियारत-गाहकेनवाहमेंपहुँचे
तोदेवताअपनामरक़दछोड़कर
दहलीज़सेआलगा
उसनेअपनेदिलकेछेद
नरसलेकीशाख़पेकुंदाकिए
औरअपनेख़ूब-सूरतलहनकीसीढ़ीलगाकर
दिलोंमेंउतरगया
सियाहमा'बदकेसुनहरेकलसकेसाएमें
ज़ाएरीनकामातमीजुलूस
दर-ओ-दीवारपे
नौहेतसतीरकररहाथा
मेरेपहलूमेंखड़ी
सब्ज़-फ़ामऔरतने
मुझेदेवताईमल्बूसहदियाकिया
तोमैंहातिफ़कीबारगाहकीदहलीज़सेलगकर
अपनाक़सीदा
भेंटकरनेलगा
मुक़द्दसफ़्लाईकीतारीकगलियाँ
नमकीनचराग़ोंसेभरगईं
मैंनेआख़िरीमिस्रा
हातिफ़कोदानकिया
औरसब्ज़औरतकीनीलीआँखोंमें
तहसीनकीनक़दीतलाशकरनेलगा
उसनेफ़स्लोंपेकरमकरतेहाथसे
हवामेंतराज़ूबनाया
एकपलड़ेमें
मेराहर्फ़-ए-हुनररखा
औरदूसरेमें
अपनेजमालकीनक़दी
उसकेजमालकासब्ज़दरिया
मेरेदामनमेंबहनेलगा