आख़िरीबार
कोह-ए-निदाकेउसपार
उसकेसुनहरीवजूदकीआयत
मेरेदिलकेक़िर्तासपर
तसतीरहोई
मैं
सातसवालोंकेजवाबतलाशकरताहुआ
इसअजनबीसर-ज़मीनपर
उतराथा
उसकीसुनहरीनाफ़काप्याला
ख़ुतनसेआई
कस्तूरीसेलबरेज़था
औरसीनेपर
लालाकेदोफूलखिलेथे
रौशनी
उसकेचेहरेकेख़द्द-ओ-ख़ालतख़्लीक़करनेमें
मसरूफ़थी
वो
सियाहपैरहनपहने
हीरेकेतख़्तको
ठोकरपेलिएबैठीथी
उस
केपहलूमें
वफ़ादारग़ुलामईस्तादाथे
जिनकेमोहब्बतसेलबरेज़दिल
उनकीहथेलियोंपेधड़कतेथे
मैंनेअपनीताज़ानज़्म
संदलकीछालपरलिखकर
उसेहदियाकी
मेरीनज़्मकेआख़िरीमिसरेतकआतेआते
उसकादिल
आँखोंसेबहनिकला
उसनेहाथबढ़ाकर
रक़्सकरतेपेड़का
सबसेख़ुश-गुलूपरिंदातोड़कर
मेरीहथेलीपररखा
तोउसकेपहलूमें
ठाठेंमारताजवाहरातकादरिया
मेरेकुशादादामनमेंबहनेलगा
मैंनेउसकेदरियाकोअपनेचुल्लूमेंभरा
औरफ़र्शपरथूकदिया
तबउसपरयेराज़खुला
किमैंहीवोशाइ'रहूँजिसने
नज़्म
और
तक़दीर
ईजादकी