अपनेहीकिसीसाएसेटकरायाहूँफिरभी
महसूसयेहोताहैयहाँआयाहूँफिरभी
काग़ज़पेसियाहीकीतरहफैलरहाहूँ
येहर्फ़-ए-नदामतनहींशरमायाहूँफिरभी
हर-चंदसफ़रदर्दकेदरियाकासफ़रथा
साहिलकेकिसीख़्वाबसेघबरायाहूँफिरभी
साग़रमेंसर-ए-शामलहूमेरामिलाहै
इकनश्शा-ए-बे-नाममेंलहरायाहूँफिरभी
हर-चंदकिसीजीतनेवालेनेसदादी
हारेहुएलोगोंमेंचलाआयाहूँफिरभी
मिलतेहीरहेज़ख़्ममिरीकिश्त-ए-बदनको
एहसासकेहरफूलकासरमायाहूँफिरभी
सूरजकेमुक़ाबिलथा'ज़फ़र'दश्त-ए-सहरमें
मैंप्यासकेसहरामेंकोईसायाहूँफिरभी