vo phool jo muskuraa raha hai | वो फूल जो मुस्कुरा रहा है

  - Ahmad Zafar
वोफूलजोमुस्कुरारहाहै
शायदमिरादिलजलारहाहै
छुपकरकोईदेखताहैमुझको
आँखोंमेंमगरसमारहाहै
मैंचाँदकेसाथचलरहाहूँ
वोमेरीहँसीउड़ारहाहै
शायदकिसीदौरमेंवफ़ाथी
येदौरतोबे-वफ़ारहाहै
सौरंगहैंज़िंदगीकेलेकिन
इंसानफ़रेबखारहाहै
तस्वीरबनेतोमुझसेकैसे
हरनक़्शमुझेमिटारहाहै
जोलम्हापयामहैफ़नाका
चुप-चापक़रीबरहाहै
तूफ़ाँनेभीआँखखोलदीहै
साहिलभीनज़रबचारहाहै
फ़नकारकहूँउसेतोकैसे
तख़्लीक़कोजोमिटारहाहै
तक़दीरमिटाचुकीथीजिसको
तदबीरकाराज़पारहाहै
आवाज़सेआगलगरहीहै
मुतरिबहैकिगीतगारहाहै
एहसास-ए-शिकस्त-ओ-कामरानी
आईनेकईदिखारहाहै
वोख़ाक-नशीं'ज़फ़र'हैयारो
जोसू-ए-फ़लकभीजारहाहै
  - Ahmad Zafar
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