apne aabaa ki viraasat bhi ha | अपने आबा कि विरासत भी हमें याद नहीं

  - Wasif Iqbal
अपनेआबाकिविरासतभीहमेंयादनहीं
मौतज़ंजीरहैइंसाँकोईआज़ादनहीं
ताजकोसरपेसजानेकोतोतैयारहैंसब
सरकटानेकेलिएएकभीअफ़रादनहीं
इनरईसोंकीज़मानेसेहैयेख़ासअदा
ज़रलुटादेतेहैंरक़्क़ासामेंइमदादनहीं
येतशद्दुदकासिलाहीहैकिहमजानगए
ज़ुल्मकमज़ोरतोकरसकताहैबर्बादनहीं
गुलकोफिरराखकरदेयेअदावतकीहवा
बाग़बाँहमभीहैंगुलशनहीकेसय्यादनहीं
येशिकायततोउसीज़ुल्मसेवाबस्ताहैपर
मेरीफ़रियादफ़क़तमेरीहीफ़रियादनहीं
करकेतफ़तीशयेपायाकिबिनाइल्मकेलोग
घरतोबनजातेहैंजिसकीकोईबुनियादनहीं
हाए'वासिफ़'तेरेमस्कनकोजोबर्बादकिया
मुझकोहैरतहैकिघरउसकाभीआबादनहीं
  - Wasif Iqbal
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