ये वापस लहर को कर दे के मुस्तहकम किनारा है

  - Wasif Iqbal
येवापसलहरकोकरदेकेमुस्तहकमकिनाराहै
उख़ुव्वतकाअलमलेकरकिसीनेतोपुकाराहै
जोबिजलीअबगिरीतोफिरयहाँतुमज़दमेंआओगे
पलटदोतख़्तज़ालिमकायेक़ुदरतकाइशाराहै
येवीरानीपरेशानीसभीकोसचसमझताहूँ
यहीदो-चारचीज़ेंहैंकिजिससेअबगुज़ाराहै
अदाकरनेसेहक़अपनातोअबक़ासिरनज़रआए
हुकूमतछीनलेंगेहमजोकुर्सीकासहाराहै
नहींहैगर्द-ए-महकूमीवतनमहबूबपरवासिफ़
मेरेअजदादनेइसकोलहूदेकरनिखाराहै
  - Wasif Iqbal
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