jitna hai faasila ye gumaan men yaqeen men | जितना है फ़ासिला ये गुमाँ में यक़ीन में

  - Wasif Iqbal
जितनाहैफ़ासिलायेगुमाँमेंयक़ीनमें
उतनाहीफ़र्क़होताहैदुनियामेंदीनमें
तफ़रीक़रंग-रूपमेंफिरकैसेमैंकरूँँ
मिलनासभीकोजाकेहैआख़िरज़मीनमें
एहसानकरकेजोभीजताताहैबारहा
शामिलरहेगाशख़्सवोभीबद-तरीनमें
ग़ैरोंपेजानेराज़मेराकैसेखुलगया
रहताहैकुछज़रूरमेरीआस्तीनमें
तालीमकेहुसूलपेपुरखोंनेयेकहा
हासिलकरोउसेमिलेचाहेवोचीनमें
'वासिफ़'तलबवफ़ाकीतूकरतोदियामगर
मिलतीनहींवफ़ाकीयेमोतीहसीनमें
  - Wasif Iqbal
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