तेरी सोहबत में जो गुज़री वही क्या ज़िंदगानी है

  - Wasif Iqbal
तेरीसोहबतमेंजोगुज़रीवहीक्याज़िंदगानीहै
ग़मोंनेदमकुचलडालाजोहैसहमीजवानीहै
बहाजबख़ूँगु़लामीमेंरहायेतन-बदनजलता
अगरक़िस्मतपलटतीहैतोक़िस्मतआज़मानीहै
उतरकरसचकेसाँचेमेंग़लतफिरभीग़लतहोगा
ग़लतकोफिरग़लतकहनेकीआदतख़ानदानीहै
अदावतकोभुलानेमेंरफ़ाक़तकोनिभानेमें
अव्वलकोईहैमुझसेमेराकोईसानीहै
अजबवहशतकाआलमहैतेरेदौर-ए-हुकूमतमें
यहाँहरसरपेख़ंजरहैयेकैसीहुक्मरानीहै
किराएकाबसेराहैनहींज़ातीमकाँ'वासिफ़'
किहरशयआरज़ीठहरीयेदुनियाभीतोफ़ानीहै
  - Wasif Iqbal
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