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Vijay Potter Singhadiya
agar main kathaa ka qalamkaar hota
agar main kathaa ka qalamkaar hota | अगर मैं कथा का क़लमकार होता
- Vijay Potter Singhadiya
अगर
मैं
कथा
का
क़लमकार
होता
यक़ीनन
ही
वो
तो
मिरा
यार
होता
लगाती
नहीं
हर
दफ़ा
वो
बहाने
लगा
लेती
सीने
से
गर
प्यार
होता
- Vijay Potter Singhadiya
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अच्छी
बुरी
हर
इक
कमी
के
साथ
हैं
हम
यार
आँखों
की
नमी
के
साथ
हैं
दो
जिस्म
ब्याहे
जा
रहे
हैं
आज
भी
हम
सब
पराए
आदमी
के
साथ
हैं
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Neeraj Neer
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बातें
दवा
का
काम
कर
सकतीं
हैं
यार
बीमार
से
तुम
बात
करके
देखना
Shubhangi kalii
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बहुत
चल
बसे
यार
ऐ
ज़िंदगी
कोई
दिन
की
मेहमान
तू
रह
गई
Dagh Dehlvi
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वहम
मुझको
ये
भाता
है
अभी
मेरी
दीवानी
है
मगर
मेरी
दीवानी
थी
मियाँ
पहले
बहुत
पहले
Anand Raj Singh
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यार
सब
जम्अ'
हुए
रात
की
ख़ामोशी
में
कोई
रो
कर
तो
कोई
बाल
बना
कर
आया
Ahmad Mushtaq
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मकाँ
तो
है
नहीं
जो
खींच
दें
दीवार
इस
दिल
में
कोई
दूजा
नहीं
रह
पाएगा
अब
यार
इस
दिल
में
जहाँ
भर
में
लुटाते
फिर
रहे
है
कम
नहीं
होता
तुम्हारे
वास्ते
इतना
रखा
था
प्यार
इस
दिल
में
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Bhaskar Shukla
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मुतअस्सिर
हैं
यहाँ
सब
लोग
जाने
क्या
समझते
हैं
नहीं
जो
यार
शबनम
भी
उसे
दरिया
समझते
हैं
हक़ीक़त
सारी
तेरी
मैं
बता
तो
दूँ
सर-ए-महफ़िल
मगर
ये
लोग
सारे
जो
तुझे
अच्छा
समझते
हैं
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Nirvesh Navodayan
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तन्हाई
ये
तंज
करे
है
तन्हा
क्यूँ
है
यार
कहाँ
है
आगे
पीछे
चलने
वाले
Vishal Singh Tabish
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यार
भी
राह
की
दीवार
समझते
हैं
मुझे
मैं
समझता
था
मेरे
यार
समझते
हैं
मुझे
Shahid Zaki
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रुख़्सार
का
दे
शर्त
नहीं
बोसा-ए-लब
से
जो
जी
में
तिरे
आए
सो
दे
यार
मगर
दे
Maatam Fazl Mohammad
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अगर
रस्मन
ही
अब
मैं
याद
आऊँगा
तुझे
इग्नोर
कर
के
लौट
जाऊँगा
अगर
वन
काटने
का
ख़्वाब
भी
आया
सुनो!
कश्ती
नहीं
काग़ज
बनाऊँगा
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Vijay Potter Singhadiya
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बो
अगर
तू
भी
शूल
बोता
है
इश्क़
में
सब
क़ुबूल
होता
है
मेरे
फ़न
के
मिजाज़
पे
मत
जा
नाचते
वक़्त
मोर
रोता
है
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Vijay Potter Singhadiya
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जीवन
के
दिन
चार
ही
फेर
मरूँगा
मैं
यानी
चार
ही
दिन
और
प्यार
करूँँगा
मैं
Vijay Potter Singhadiya
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मत
पूछो
मेरी
सेहत
के
बारे
में
हर
दिन
बाहर
खाना
खाना
पड़ता
है
Vijay Potter Singhadiya
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उन
से
तो
दुश्मन
ही
अच्छे
धोखा
तो
बोल
के
देते
हैं
Vijay Potter Singhadiya
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