शोलोंसेमोहब्बतकीमिरीजाँमेंलगीआग
फिरजाँसेभड़कजिस्मकेमैदाँमेंलगीआग
येआतिश-ए-ग़महैकिदम-ए-सर्दसेअपने
सर-चश्मा-ए-ख़ुर्शीद-ए-दरख़्शाँमेंलगीआग
उसहूरकेकूचेमेंभरेहमजोदम-ए-गर्म
मर्दुमनेकहारौज़ा-ए-रिज़वाँमेंलगीआग
ख़ंदाँजोहुआयारहमेंदेखकेगिर्यां
लोगोंनेकहाबर्क़सेबाराँमेंलगीआग
इनरोज़ोंमेंहैरंगजोअश्कोंकागुलाबी
शायदकिमिरेदीदा-ए-गिर्यांमेंलगीआग
गर्मीसेनगरकेतिरेगुनआबहुआदेख
बुलबुलनेपुकाराकिगुलिस्ताँमेंलगीआग
नारीहैंजोपरियाँयेसबबहैकितुम्हारे
नूर-ए-रुख़-ए-रौशनसेपरिस्ताँमेंलगीआग
उसआतिशीं-रूकोब-लब-ए-बामजोदेखा
आलमनेकहागुम्बद-ए-गर्दांमेंलगीआग
दरियामेंवोधोयाथाकभीदस्त-ए-हिनाई
हसरतसेवहींपंजा-ए-मर्जांमेंलगीआग
ग़ैरोंकीतरफ़जोनज़र-ए-मेहरसदेखा
ग़ैरतसेमिरेसीना-ए-सोज़ाँमेंलगीआग
क्यूँँकोहकन-ओ-क़ैसरहेंमुझसेननालाँ
नालोंसेमिरेकोह-ओ-बयाबाँमेंलगीआग
वोसोख़्ता-दिलहूँमैंपस-अज़-मर्गजोगुज़रा
मरक़दसेमिरेयारकेदामाँमेंलगीआग
'मातम'हैकिसीसोख़्ता-दिलकाअसर-ए-आह
बे-वज्हनहींकूचा-ए-जानाँमेंलगीआग