zaraa lau charaaghh ki kam karo mira dukh hai phir se utaar par | ज़रा लौ चराग़ की कम करो मिरा दुख है फिर से उतार पर

  - Vikas Sharma Raaz
ज़रालौचराग़कीकमकरोमिरादुखहैफिरसेउतारपर
जिसेसुनकेअश्कछलकपड़ेंवहीधुनबजाओसितारपर
ज़राहैरतोंसेनिकलतोलूँज़राहोशआएतोकुछकहूँ
अभीकुछपूछकिक्याहुआमिराध्यानअभीहैग़ुबारपर
कहींहर्फ़हर्फ़गुलाबहैकहींख़ुशबुओंसेख़िताबहै
मैंख़िज़ाँ-नसीबसहीमगरमिरातब्सिराहैबहारपर
मिरेदोस्ततुझकोहैक्यापतातुझेदेरहेहैंजोमशवरा
यहीलोगजश्नमनाएँगेमिरीजीतपरतिरीहारपर
जहाँहरसिंगारफ़ुज़ूलहोंजहाँउगतेसिर्फ़बबूलहों
जहाँज़र्दरंगहोघासकावहाँक्यूँँशकहोबहारपर
  - Vikas Sharma Raaz
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