zindagi ki hañsi udaati hui | ज़िंदगी की हँसी उड़ाती हुई

  - Vikas Sharma Raaz
ज़िंदगीकीहँसीउड़ातीहुई
ख़्वाहिश-ए-मर्गसरउठातीहुई
खोगईरेतकेसमुंदरमें
इकनदीरास्ताबनातीहुई
मुझकोअक्सरउदासकरतीहै
एकतस्वीरमुस्कुरातीहुई
गईख़ामुशीकेनर्ग़ेमें
ज़िंदगीमुझकोगुनगुनातीहुई
मैंइसेभीउदासकरदूँगा
सुब्हआईहैखिलखिलातीहुई
हरअँधेरातमामहोताहुआ
जोतमेंजोतअबसमातीहुई
  - Vikas Sharma Raaz
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy