daagh hone lage zaahir mere | दाग़ होने लगे ज़ाहिर मेरे

  - Vikas Sharma Raaz
दाग़होनेलगेज़ाहिरमेरे
तेज़कररंगमुसव्विरमेरे
मेरीआँखोंमेंसियाहीभरदे
याहरेकरदेमनाज़िरमेरे
नुक़रईझीलबुलातीथीउन्हें
फँसगएजालमेंताइरमेरे
कौनतहलीलहुआहैमुझमें
मुंतशिरक्यूँँहैंअनासिरमेरे
हैकहाँशंखबजानेवाला
कबसेख़ामोशहैंमंदिरमेरे
संगसेजिस्मभीकरअबमुझको
तूकहाँखोयाहैसाहिरमेरे
लफ़्ज़कीक़ैद-ओ-रिहाईकाहुनर
कामहीगयाआख़िरमेरे
  - Vikas Sharma Raaz
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