उसेछुआहीनहींजोमिरीकिताबमेंथा
वहीपढ़ायागयामुझकोजोनिसाबमेंथा
वहीतोदिनथेउजालोंकेफूलचुननेके
उन्हींदिनोंमैंअँधेरोंकेइंतिख़ाबमेंथा
बसइतनायादहैकोईबगूलाउट्ठाथा
फिरइसकेबादमैंसहरा-ए-इज़्तिराबमेंथा
मिरीउरूजकीलिक्खीथीदास्ताँजिसमें
मिरेज़वालकाक़िस्साभीउसकिताबमेंथा
बलाकाहब्सथापरनींदटूटतीहीनथी
नकोईदरनदरीचाफ़सील-ए-ख़्वाबमेंथा
बसएकबूँदकेगिरतेहीहोगयाआज़ाद
वोहफ़्त-रंगउजालाजोमुझहुबाबमेंथा