ऐदिल-ए-नादानअबतोतूधड़कनाछोड़दे
उसनेरोकरकहदियाहैमेरारस्ताछोड़दे
मैंनेउसलड़कीसेबसइतनाहीचाहाथाकिवो
साथमेरेजबरहेतोहाथग़मकाछोड़दे
तुझसेेतोइकफूलतकतोड़ानजाताइसलिए
इश्क़काकहताहूँकारोबारकरनाछोड़दे
सारीबातेंयूँँतोमेसेजमेंमुनासिबभीनहीं
फ़ोनपरकहनेकोकुछबातेंभीयाराछोड़दे
ऐसीज़ुल्मतमेंतोसबकोजलनाहोताहैमगर
क्याहोगरडरसेदियाभीसाँसलेनाछोड़दे
फिरकहाँमिलपातेयेजोइश्क़करनेवालेहैं
सोचनेलगताख़ुदागरकुनकहेयाछोड़दे
हरदफ़ारोनाभीजायज़बातकहपातानहीं
अश्क़वोहोताहैजोदामनपेधब्बाछोड़दे