ye charagon ki hi jasaarat thii | ये चराग़ों की ही जसारत थी

  - Ved prakash Pandey
येचराग़ोंकीहीजसारतथी
वरनाबुझजातेऐसीहालतथी
मेरेअंदरजोमरगयाहैना
उसकोतुमसेेबहुतमुहब्बतथी
आपक्यूँहमपेमरगएजबके
आपकोजीनेकीसहूलतथी
करलियाऐतबारजोभीमिला
दिललगानेकीइतनीउजलतथी
आपसेजिस्मकिसनेमाँगाथा
हमकोबसप्यारकीजरुरतथी
उसकेधोकेसेपहलेदिलमेंमेरे
प्यारदेनेकीइकरिवायतथी
उसगलीसेगुज़रनाहीयारों
दिलकीसबसेेबड़ीहिमाकतथी
तुमक्यूँरोतेहोइश्क़केलिएअब
तुमकोतोजिस्मकीजरुरतथी
होगएमूवऑनसोउनसेे
दोस्तीथीअबअदावतथी
मुंतज़िरसिर्फ़तुमनहींथेकल
शहरभरमेंहमारीदावतथी
इसलिएरिश्तेनातेछूटगए
हमकोसचबोलनेकीआदतथी
हमकोकमअक्लहीरखातुमने
उम्रतुमसेेयहीशिकायतथी
बेवफाईनेजाँलेलीवरना
प्यारकरनातोउसकीआदतथी
मेरीसुनताथाकोई"कातिब"
शहरमेंआजऐसीवहशतथी
  - Ved prakash Pandey
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