ai dile naadaan ab to tu dhadknaa chhod de | ऐ दिल-ए- नादान अब तो तू धड़कना छोड़ दे

  - Ved prakash Pandey
दिल-ए-नादानअबतोतूधड़कनाछोड़दे
उसनेरोकरकहदियाहैमेरारस्ताछोड़दे
मैंनेउसलड़कीसेबसइतनाहीचाहाथाकिवो
साथमेरेजबरहेतोहाथग़मकाछोड़दे
तुझसेेतोइकफूलतकतोड़ाजाताइसलिए
इश्क़काकहताहूँकारोबारकरनाछोड़दे
सारीबातेंयूँँतोमेसेजमेंमुनासिबभीनहीं
फ़ोनपरकहनेकोकुछबातेंभीयाराछोड़दे
ऐसीज़ुल्मतमेंतोसबकोजलनाहोताहैमगर
क्याहोगरडरसेदियाभीसाँसलेनाछोड़दे
फिरकहाँमिलपातेयेजोइश्क़करनेवालेहैं
सोचनेलगताख़ुदागरकुनकहेयाछोड़दे
हरदफ़ारोनाभीजायज़बातकहपातानहीं
अश्क़वोहोताहैजोदामनपेधब्बाछोड़दे
  - Ved prakash Pandey
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