zehn dil zubaan uskaa hi ghulaam ab bhi hai | ज़ेहन दिल जुबान उसका ही गुलाम अब भी है

  - Ved prakash Pandey
ज़ेहनदिलजुबानउसकाहीगुलामअबभीहै
यानिमेरेरूहमेंवोएकनामअबभीहै
इब्तिदा-ए-इश्क़मेंजोढूंढतीथीबसमुझे
उसनज़रकायादआखरीसलामअबभीहै
मैंतुम्हेंअभीयेरौशनीदेसकूँगादोस्त
मेरेजिस्मसेलिपटकेबैठीशामअबभीहै
मेरेजैसोंकोचुनोतोयेपताचलेतुम्हें
शहरमेंबचाहुआवफ़ाकानामअबभीहै
एकशख़्ससेहुएहैंबरसोंबिछड़ेफिरभीयार
उसकेहीलिएधड़कनादिलकाकामअबभीहै
तेरेसजदेकरनेवालेएकलड़केकेलिए
इश्क़विश्कऔरकिसीसेभीहरामअबभीहै
बसउसएकलड़कीकाख़यालआताहैमुझे
जिसकेवास्तेज़रूरीयेनिज़ामअबभीहै
  - Ved prakash Pandey
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