baat mujhse nahin banii samjho | बात मुझ सेे नहीं बनी समझो

  - Ved prakash Pandey
बातमुझसेेनहींबनीसमझो
वोहुईहीनहींमिरीसमझो
इसतरहसेचाहोदुनियाको
मौतकेबादज़िन्दगीसमझो
पढ़नेकेवक़्तआशिक़ीकरना
इसकोइकबेवकूफीहीसमझो
तुमकिसानोकीख़ुद-कुशीसेदोस्त
कितनीमुश्किलहैयेघड़ीसमझो
मालज़रप्यारक्याख़रीदेंगे
हमअमीरोंकीमुफ़लिसीसमझो
पहलेहरलफ्ज़सेरहोवाकिफ़
तबकहींजाकेशा'इरीसमझो
हमअगररोपारहेहैंतो
दरियामेंपानीकीकमीसमझो
शोरसबकोसुनाईदेताहै
बाततबहैजोख़ामुशीसमझो
हमबहुतथकचुकेहैंज़िन्दगीसे
तुमयेअश'आरआख़िरीसमझो
जबतलकसाथचलरहीहोमिरे
ग़ौरफ़रमाओबातहीसमझो
इतनेनज़दीकभीनहींतुम,जो
पलदोपलकीमेरीख़ुशीसमझो
आख़िरइसदिलखराबेमें'कातिब
एकलड़कीक्यूँआएगीसमझो
  - Ved prakash Pandey
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