tumhaare khazaane men kya kuchh nahin | तुम्हारे ख़ज़ाने में क्या कुछ नहीं

  - Ved Prakash Malik Sarshar
तुम्हारेख़ज़ानेमेंक्याकुछनहीं
हमारेमुक़द्दरमेंथाकुछनहीं
जिसेचाहेजोकुछसमझलीजिए
हक़ीक़तमेंअच्छा-बुराकुछनहीं
कहूँक्याकोईसुननेवालाभीहो
मेरेपासकहनेकोक्याकुछनहीं
मेरीबातसरकारनेसुनतोली
मेरीबातसुनकरकहाकुछनहीं
बनानेकोक्याकुछबनायागया
मगरइससेअपनाबनाकुछनहीं
मोहब्बतमेंयेतज्रबाहोगया
मोहब्बतमेंग़मकेसिवाकुछनहीं
मिलेउनसेमिलनेकोसौबारहम
मगरउनसेमिलकरमिलाकुछनहीं
जिएजारहेहैजिएजारहे
मगरज़िंदगीमेंमज़ाकुछनहीं
सभीकुछसुनाकरभी'सरशार'को
वोकहतेहैंहमनेकहाकुछनहीं
  - Ved Prakash Malik Sarshar
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