hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Dipendra Singh 'Raaz'
ye ishq bhi mujhe lagta hai betiyon ki tarah
ye ishq bhi mujhe lagta hai betiyon ki tarah | ये इश्क़ भी मुझे लगता है बेटियों की तरह
- Dipendra Singh 'Raaz'
ये
इश्क़
भी
मुझे
लगता
है
बेटियों
की
तरह
जो
माँगता
है
अमूमन
उसे
नहीं
मिलता
- Dipendra Singh 'Raaz'
Download Sher Image
दूजा
इश्क़
किया
तो
ये
मालूम
हुआ
पहले
वाले
में
भी
ग़लती
मेरी
थी
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
20 Likes
बिना
इस
इश्क़
के
कैसे
गुज़ारा
हो
ज़रूरी
है
कि
हो
ये
इश्क़
दोबारा
Abhay Aadiv
Send
Download Image
4 Likes
राह-ए-दूर-ए-इश्क़
में
रोता
है
क्या
आगे
आगे
देखिए
होता
है
क्या
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
31 Likes
तेरे
वादे
से
प्यार
है
लेकिन
अपनी
उम्मीद
से
नफ़रत
है
पहली
ग़लती
तो
इश्क़
करना
थी
शा'इरी
दूसरी
हिमाक़त
है
Read Full
Mehshar Afridi
Send
Download Image
67 Likes
ये
है
पहली
बात
तुझ
सेे
इश्क़
है
दूसरी
ये
बात,
पहली
बात
सुन
Siddharth Saaz
Send
Download Image
7 Likes
हर
लड़के
में
एक
ख़राबी
होती
है
उसको
अपना
इश्क़
इबादत
लगता
है
Saurabh Sharma 'sadaf'
Send
Download Image
56 Likes
अगर
तुम
हो
तो
घबराने
की
कोई
बात
थोड़ी
है
ज़रा
सी
बूँदा-बाँदी
है
बहुत
बरसात
थोड़ी
है
ये
राह-ए-इश्क़
है
इस
में
क़दम
ऐसे
ही
उठते
हैं
मोहब्बत
सोचने
वालों
के
बस
की
बात
थोड़ी
है
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
220 Likes
देखो
तुम
ने
इश्क़
किया
है
शायर
से
शे'र
कहेगा
ज़ेवर
थोड़ी
ला
देगा
Kumar Kaushal
Send
Download Image
49 Likes
इश्क़
करना
इक
सज़ा
है
क्या
करें
इश्क़
का
अपना
मज़ा
है
क्या
करें
Syed Naved Imam
Send
Download Image
59 Likes
अश्क़-ओ-ख़ून
घुलते
हैं
तब
दीदा-ए-तर
बनती
है
दास्तान
इश्क़
में
मरने
से
अमर
बनती
है
Jaani Lakhnavi
Send
Download Image
25 Likes
Read More
ये
नहीं
है
कि
उस
सेे
प्यार
नहीं
हाँ
पर
अब
उसका
इंतिज़ार
नहीं
बारिशें
हैं
फ़ुज़ूल
उनके
लिए
जिनके
पहलू
में
जिनका
यार
नहीं
याद
करने
का
हक़
है
मुझको
फ़क़त
कॉल
करने
का
इख़्तियार
नहीं
ज़िंदगी
बोलता
हूँ
तुमको,
पर
ज़िंदगी
का
कुछ
ऐतबार
नहीं
Read Full
Dipendra Singh 'Raaz'
Download Image
1 Like
सीने
से
लगा
लो
मुझे
तुम
इक
दफ़ा
आकर
स्वेटर
से
मेरी
जान
ये
सर्दी
नहीं
रुकती
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
28 Likes
नई
नस्लें
समझ
पाएँ
मुहब्बत
के
मआनी
हमें
इस
वास्ते
भी
शा'इरी
करनी
पड़ेगी
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
32 Likes
और
तो
इस
सेे
ज़्यादा
हिज्र
में
होगा
भी
क्या
मैं
तड़पकर
मर
ही
तो
जाऊँँगा
शायद
एक
दिन
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
2 Likes
दुखी
रहने
की
आदत
यूँंँ
बना
ली
है
कि
अब
कोई
ख़ुशी
का
ज़िक्र
भी
कर
दे
तो
फिर
तकलीफ़
होती
है
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
4 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Parinda Shayari
Zindagi Shayari
Awaaz Shayari
Khwab Shayari
Baaten Shayari