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Dipendra Singh 'Raaz'
ye nahin hai ki usse pyaar nahin
ye nahin hai ki usse pyaar nahin | ये नहीं है कि उस सेे प्यार नहीं
- Dipendra Singh 'Raaz'
ये
नहीं
है
कि
उस
सेे
प्यार
नहीं
हाँ
पर
अब
उसका
इंतिज़ार
नहीं
बारिशें
हैं
फ़ुज़ूल
उनके
लिए
जिनके
पहलू
में
जिनका
यार
नहीं
याद
करने
का
हक़
है
मुझको
फ़क़त
कॉल
करने
का
इख़्तियार
नहीं
ज़िंदगी
बोलता
हूँ
तुमको,
पर
ज़िंदगी
का
कुछ
ऐतबार
नहीं
- Dipendra Singh 'Raaz'
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तुझे
कौन
जानता
था
मेरी
दोस्ती
से
पहले
तेरा
हुस्न
कुछ
नहीं
था
मेरी
शा'इरी
से
पहले
Kaif Bhopali
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हालत
जो
हमारी
है
तुम्हारी
तो
नहीं
है
ऐसा
है
तो
फिर
ये
कोई
यारी
तो
नहीं
है
Ali Zaryoun
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हैराँ
मैं
भी
हूँ
दोस्त
यूँँ
बालों
में
गजरा
देखकर
ये
फूल
आख़िर
कबसे
फूलों
को
पहनने
लग
गया
Neeraj Neer
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बंद
कमरे
में
हज़ारों
मील
अब
चलते
हैं
हम
काफ़ी
महँगी
पड़
रही
है
शा'इरी
से
दोस्ती
Ashraf Jahangeer
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यार
बिछड़कर
तुमने
हँसता
बसता
घर
वीरान
किया
मुझको
भी
आबाद
न
रक्खा
अपना
भी
नुक़्सान
किया
Ali Zaryoun
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एक
आवाज़
कि
जो
मुझको
बचा
लेती
है
ज़िन्दगी
आख़री
लम्हों
में
मना
लेती
है
जिस
पे
मरती
हो
उसे
मुड़
के
नहीं
देखती
वो
और
जिसे
मारना
हो
यार
बना
लेती
है
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Ali Zaryoun
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दुश्मनी
कर
मगर
उसूल
के
साथ
मुझ
पर
इतनी
सी
मेहरबानी
हो
मेरे
में'यार
का
तक़ाज़ा
है
मेरा
दुश्मन
भी
ख़ानदानी
हो
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Akhtar Shumar
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कहाँ
की
दोस्ती
किन
दोस्तों
की
बात
करते
हो
मियाँ
दुश्मन
नहीं
मिलता
कोई
अब
तो
ठिकाने
का
Waseem Barelvi
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दिन
सलीक़े
से
उगा
रात
ठिकाने
से
रही
दोस्ती
अपनी
भी
कुछ
रोज़
ज़माने
से
रही
Nida Fazli
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हमारे
दरमियाँ
जो
प्यार
से
पहले
की
यारी
थी
बिछड़
कर
अब
ये
लगता
है
वो
यारी
ज़्यादा
प्यारी
थी
बिछड़ना
उसकी
मर्ज़ी
थी,
उसे
उतरन
न
कहना
तुम
वो
अब
उतनी
ही
उसकी
है
वो
तब
जितनी
तुम्हारी
थी
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Alankrat Srivastava
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तमाम
उम्र
हो
के
रह
गया
हूँ
मैं
उसका
जो
एक
दिन
भी
कभी
हो
नहीं
सका
मेरा
Dipendra Singh 'Raaz'
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ठुकरा
के
आ
गया
था
मैं
ख़ैरात
एक
दिन
फिर
कुछ
नहीं
बचा
मेरे
कासा-ए-इश्क़
में
Dipendra Singh 'Raaz'
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इश्क़
में
ख़ुद
को
मैं
बर्बाद
नहीं
कर
सकता
एक
औरत
के
बुढ़ापे
का
सहारा
हूँ
मैं
Dipendra Singh 'Raaz'
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ज़ख़्म
ऐसा
दो
मुझे
अब
इश्क़
में,
के
नील
ही
पड़
जाए
मेरे
दिल
के
अंदर
Dipendra Singh 'Raaz'
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ख़ुशी
है
साथ
है
वो
साल
भर
से
पर,
मुझे
दुख
है
कि
पैटर्न
लॉक
में
अब
तक
वो
लड़की
"यूँ"
लगाती
है
Dipendra Singh 'Raaz'
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