jalwe ko parda parde ko jalwa banaa diya | जल्वे को पर्दा पर्दे को जल्वा बना दिया

  - Ved Prakash Malik Sarshar
जल्वेकोपर्दापर्देकोजल्वाबनादिया
अहल-ए-नज़रकोतुमनेतमाशाबनादिया
ज़र्रेकोमहरक़तरेकोदरियाबनादिया
तेरीनज़रनेक्यासेहमेंक्याबनादिया
हक़नेतुम्हेंबड़ाहमेंछोटाबनादिया
जोकुछबनादियाबहुतअच्छाबनादिया
क्यापूछतेहोहमनेतुम्हेंक्याबनादिया
रूह-ए-हयातजान-ए-तमन्नाबनादिया
सरमस्ती-ए-बहारकाआलमपूछिए
हरगुलकिउसनेसाग़र-ओ-सहबाबनादिया
दुनियाहमारेवास्तेदोज़ख़सेकमथी
दुनियाकोतेरेइश्क़नेदुनियाबनादिया
इसदिलकाहालपूछरहेहैंवोबार-बार
जिसदिलकोबे-नियाज़-ए-तमन्नाबनादिया
देखेंलहूसेभरताहैअबइसमेंरंगकौन
हमनेनईबहारकानक़्शाबनादिया
जबकोईआँखतेरानज़्ज़ाराकरसकी
जैसाकिसीकेज़ेहनमेंआयाबनादिया
'सरशार'उनकेग़मकायेएहसाँभीख़ूबहै
दुनियाकोग़म-गुसारहमाराबनादिया
  - Ved Prakash Malik Sarshar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy