naaz kar naaz ki ye naaz juda hai sab se | नाज़ कर नाज़ कि ये नाज़ जुदा है सब से

  - Ummeed Fazli
नाज़करनाज़कियेनाज़जुदाहैसबसे
मेरालहजामिरीआवाज़जुदाहैसबसे
जुज़मोहब्बतकिसेमालूमकिवोचश्म-ए-हया
बाततोकरतीहैअंदाज़जुदाहैसबसे
जिसकोभीमारदियाज़िंदा-ए-जावेदकिया
हर्फ़-ए-हक़तेरायेए'जाज़जुदाहैसबसे
देखनाकौनहैक्याउसकोनहींजान-ए-अज़ीज़
सर-ए-दरबारइकआवाज़जुदाहैसबसे
टूटजाताहैतोसुरऔरभीलौदेतेहैं
दिलजिसेकहतेहैंवोसाज़जुदाहैसबसे
सोचकरदामबिछानाज़रामौज-ए-हवा
मेरेइंकारकीपरवाज़जुदाहैसबसे
नश्शा-ए-दहर-ओ-क़यामतकातोक्याज़िक्र'उमीद'
वोमिरासर्व-ए-सर-अफ़राज़जुदाहैसबसे
  - Ummeed Fazli
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy