aaina-e-vahshat ko jila jis se mili hai | आईना-ए-वहशत को जिला जिस से मिली है

  - Ummeed Fazli
आईना-ए-वहशतकोजिलाजिससेमिलीहै
वोगर्दरह-ए-तर्क-ए-मरासिमसेउठीहै
सदियोंकेतसलसुलमेंकहींगर्दिश-ए-दौराँ
पहलेभीकहींतुझसेमुलाक़ातहुईहै
कर्ब-ओ-बलाख़ुशहोनईनस्लनेअबके
ख़ुदअपनेलहूसेतिरीतारीख़लिखीहै
उसकज-कुलह-ए-इश्क़कोमश्क़-ए-सितमदेख
सरतनपेनहींफिरभीवहीसर्व-क़दीहै
किसराहसेतुझतकहोरसाईकिहरइकसम्त
दुनियाकिसीदीवारकेमानिंदखड़ीहै
ज़िंदाँकीफ़सीलेंहोंकिमक़्तलकीफ़ज़ाएँ
रफ़्तार-ए-जुनूँभीकहींरोकेसेरुकीहै
जिसरूपमेंजबचाहेजिसेढालदे'उम्मीद'
दुनियाभीअजबकार-गह-ए-कूज़ा-गरीहै
  - Ummeed Fazli
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy