वोख़्वाबहीसहीपेश-ए-नज़रतोअबभीहै
बिछड़नेवालाशरीक-ए-सफ़रतोअबभीहै
ज़बाँबुरीदासहीमैंख़िज़ाँ-गज़ीदासही
हरा-भरामिराज़ख़्म-ए-हुनरतोअबभीहै
सुनाथाहमनेकिमौसमबदलगएहैंमगर
ज़मींसेफ़ासला-ए-अब्र-ए-तरतोअबभीहै
हमारीदर-बदरीपरनजाइएकिहमें
शुऊर-ए-साया-ए-दीवार-ओ-दरतोअबभीहै
हवसकेदौरमेंमम्नून-ए-याद-ए-यारहैंहम
कियाद-ए-यारदिलोंकीसिपरतोअबभीहै
कहानियाँहैंअगरमो'तबरतोफिरइकशख़्स
कहानियोंकीतरहमो'तबरतोअबभीहै
हज़ारखींचलेसूरजहिसार-ए-अब्रमगर
किरनकिरनपेगिरफ़्त-ए-नज़रतोअबभीहै
समुंदरोंसेज़मीनोंकोख़ौफ़क्याकिउमीद
नुमू-पज़ीरज़मीन-ए-हुनरतोअबभीहै
मगरयेकौनबदलतीहुईरुतोंसेकहे
शजरमेंसायानहींहैशजरतोअबभीहै