jism siyaahi banaoonga | जिस्म सियाही बनाऊँगा

  - Umar Farhat
जिस्मसियाहीबनाऊँगा
तेराहर्फ़सजाऊँगा
तूबहतापानीबनजा
मैंमछलीबनजाऊँगा
कलमौसमकीहथेलीपर
नामतिराखुदवाऊँगा
अपनाग़ुबारउड़ाकरमैं
कुछतस्वीरबनाऊँगा
किसीकिवाड़कीआड़मेंअब
तुझकोलाकेछुपाऊँगा
तिरेबदनकेपानीसे
मैंसूरजचमकाऊँगा
  - Umar Farhat
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