dhoop naayaab hui jaati hai | धूप नायाब हुई जाती है

  - Umar Farhat
धूपनायाबहुईजातीहै
छाँवबे-ताबहुईजातीहै
पानीदरियामेंनहींहैलेकिन
बस्तीग़र्क़ाबहुईजातीहै
गिरगईओसबदनपरकैसी
रूहसैराबहुईजातीहै
मैंकिसीरातकासन्नाटाहूँ
वोकोईख़्वाबहुईजातीहै
बर्फ़क्यादूरगिरीहै'फ़रहत'
नद्दीपायाबहुईजातीहै
  - Umar Farhat
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