yuñ naqaab-e-rukh muqaabil se uthi | यूँँ नक़ाब-ए-रुख़ मुक़ाबिल से उठी

  - Tabish Dehlvi
यूँँनक़ाब-ए-रुख़मुक़ाबिलसेउठी
चश्म-ए-सद-नज़्ज़ारामुश्किलसेउठी
बाज़गश्त-ए-शोर-ए-ग़र्क़ाबीसही
कोईतोआवाज़साहिलसेउठी
क़ाफ़िलेहैंकितनेदरमाँदाख़िराम
गर्दराहोंसेमंज़िलसेउठी
थामकरदिलक्याउठेअर्बाब-ए-दर्द
इकक़यामततेरीमहफ़िलसेउठी
सरसेभीगुज़रीहैतूफ़ाँकीतरह
जबभीकोईमौज-ए-ख़ूँदिलसेउठी
चश्म-ए-नज़्ज़ारासेमानिंद-ए-हिजाब
तोहमत-ए-नज़्ज़ारामुश्किलसेउठी
  - Tabish Dehlvi
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