azaab toote dilon ko har ik nafs guzra | अज़ाब टूटे दिलों को हर इक नफ़स गुज़रा

  - Tabish Dehlvi
अज़ाबटूटेदिलोंकोहरइकनफ़सगुज़रा
शिकस्ता-पाथेगराँमुज़्दा-ए-जरसगुज़रा
हुजूम-ए-जल्वा-ओ-नैरंगी-ए-तमन्नासे
तमाममौसम-ए-गुलमौसम-ए-हवसगुज़रा
अजबनहींकिहयात-ए-दवामभीबख़्शे
वोएकलम्हा-ए-फ़ुर्क़तजोइकबरसगुज़रा
येमस्लहतकिकहींदहरहैकहींफ़िरदौस
वहीजोआलम-ए-दिलहमपेहम-नफ़सगुज़रा
ग़म-ए-मआलरहाअर्ज़-ए-शौक़सेपहले
इसएकबातपेक्याक्यापेश-ओ-पसगुज़रा
कशाकश-ए-ग़म-ए-आज़ादी-ओ-असीरीमें
हरआशियाँपेकोईआलम-ए-क़फ़सगुज़रा
रह-ए-तलबमेंहैंदर-माँदाराहबर'ताबिश'
यहीहैहालतोयेक़ाफ़िलाभीबसगुज़रा
  - Tabish Dehlvi
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