ताबिश'हवस-ए-लज़्ज़त-ए-आज़ारकहाँतक
राहतसेयेग़मफिरभीमिरेयारकहाँतक
हररोज़इकआवाज़ाअनल-हक़कालगाएँ
देखेंतोकिहैसिलसिला-ए-दारकहाँतक
हररास्तेसेमंज़िल-ए-हस्तीहैबहुतदूर
जाएगामिरेसाथग़म-ए-यारकहाँतक
हाँताना-ए-अग़्यारकेनश्तरहीसेखुलजाए
इकज़ख़्मरहेगालब-ए-गुफ़्तारकहाँतक
हैंइसकेतअ'ल्लुक़सेअज़ीज़अहल-ए-जहाँभी
लेजाएगीआख़िरहवस-ए-यारकहाँतक
आईना-दर-आईनादर-आईनातिराहुस्न
हैराँहोंतिरेतालिब-ए-दीदारकहाँतक
होतीहीनहींसुब्ह-ए-क़यामतभीनुमूदार
जागेंगेशब-ए-हिज्रकेबीमारकहाँतक
फैलीहुईहरसम्तकड़ीधूपहै'ताबिश'
जाएगाकोईसाया-ए-दीवारकहाँतक