ta-sehr ki hai fugaan jaan ke ghaafil mujh ko | ता-सहर की है फ़ुग़ाँ जान के ग़ाफ़िल मुझ को

  - Taashshuq Lakhnavi
ता-सहरकीहैफ़ुग़ाँजानकेग़ाफ़िलमुझको
रातभरआजपुकाराहैमिरादिलमुझको
दर्द-ओ-ग़मसेजोतपाँथावोमिलादिलमुझको
इसलिएदफ़्नकियाहैलब-ए-साहिलमुझको
बार-ए-हुस्नआपसेलैलाकाउठायागया
लियाक़ैसनेजिसकोवोमिलादिलमुझको
ग़ैरफिरग़ैरहैंआख़िरहैंफिरअपनेअपने
यादकरताहैतिरेपासमिरादिलमुझको
बार-ए-ख़ातिरहीअगरहैतोइनायतकीजे
आपकोहुस्नमुबारकहोमिरादिलमुझको
फ़स्ल-ए-गुलआतेहीसहरा-ए-अदमकोपहुँचा
रोकतेरहगएअग़लाल-ओ-सलासिलमुझको
मरगयाअश्कजोआँखोंसेबहेआहकेसाथ
गईनींदहवामेंलब-ए-साहिलमुझको
क्याअदावतहैकिजिसदिनसेहुआहूँज़ख़्मी
देखजाताहैवोरश्क-ए-मह-ए-कामिलमुझको
शबकोतुमसोईथीक्यासू-ए-फ़लकमुँहकरके
नज़रआयासहरतकमह-ए-कामिलमुझको
पाँवतकज़ुल्फ़तिरीयारबढ़आईशायद
आजभारीनज़रआतीहैसलासिलमुझको
असर-ए-ज़ोफ़सेहूँक़तरा-ए-अश्क-ए-ख़ूनी
रहमकरदेकफ़न-ए-दामन-ए-क़ातिलमुझको
  - Taashshuq Lakhnavi
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