josh par theen sifat-e-abr-e-bahaari aañkhen | जोश पर थीं सिफ़त-ए-अब्र-ए-बहारी आँखें

  - Taashshuq Lakhnavi
जोशपरथींसिफ़त-ए-अब्र-ए-बहारीआँखें
गईंआँसुओंकेसाथहमारीआँखें
हैंजिलौमेंसिफ़त-ए-अब्र-ए-बहारीआँखें
उठनेदेतीहैंकहाँगर्द-ए-सवारीआँखें
क्यूँँअसीरान-ए-क़फ़सकीतरफ़आनाछोड़ा
फेरलींतूनेभीबाद-ए-बहारीआँखें
सामनेगईगुल-गश्तमेंनर्गिसशायद
पलकोंसेचीं-ब-जबींहैंजोतुम्हारीआँखें
क्यादुर्र-ए-अश्कसेहैंदामन-ए-मिज़्गाँममलू
कबज़बाँहैकिकरेंशुक्र-गुज़ारीआँखें
देखतेहैंतरफ़-ए-चाह-ए-ज़क़नउल्फ़तसे
मुफ़्तमेंहमकोडुबोतीहैंहमारीआँखें
शोख़ियाँआहुओंकीज़ेहनमेंकबआतीहैं
कुछदिनोंहमनेभीदेखीथींतुम्हारीआँखें
क़तरा-ए-आबकोमुहताजकियागर्दूंने
याद-ए-अय्यामकिथींचश्मा-ए-जारीआँखें
दूरसेदेखकेतुमकोकोईजीभरताहै
कररहीहैंफ़क़तअय्याम-गुज़ारीआँखें
अब्रकोदेखकेहरमर्तबाजोशआताहै
अबतोआईंहैंमिरेज़ब्तसेआरीआँखें
जबहटाआइनाआगेसेहुईंक्याबेचैन
अपनेपरआपही'आशिक़हैंतुम्हारीआँखें
लुत्फ़देखाकिसीचीज़काअश्कोंकेसिवा
आईंथींरोनेकोदुनियामेंहमारीआँखें
कहतीहैभरकेदम-ए-सर्दख़िज़ाँमेंबुलबुल
ढूँढतीहैंतुझेफ़स्ल-ए-बहारीआँखें
तुमकोशर्मआतीहैहमक़ाबिल-ए-नज़्ज़ारानहीं
रहाहुस्नतुम्हाराहमारीआँखें
क्यूँँचरागाह-ए-ग़ज़ालाँकहूँपलकोंको
फिररहीहैंमेरीनज़रोंमेंतुम्हारीआँखें
रोऊँकिसवास्तेगरसामनेआनाछोड़ा
आपकोहुस्नहैप्यारामुझेप्यारीआँखें
कोरहोजाऊँमगरइश्क़मेंरोनेकोरोक
नासेहादिलसेज़ियादानहींप्यारीआँखें
सैकड़ोंशीशा-ए-दिलबादा-कशोंकेतोड़े
मोहतसिबसेहैंज़ियादावोख़ुमारीआँखें
फूलनर्गिसकेगिरेशाख़सेडालीजोनज़र
तेरीआँखोंकीइताअतमेंहैंसारीआँखें
फ़र्शहोजातीहैंतुमपाँवजहाँरखतेहो
अदब-आमोज़-ए-मोहब्बतहैंहमारीआँखें
ब'अदमुद्दतकेज़राहोशमेंआयाहूँआज
फिरदिखादेमुझेसाक़ीवोख़ुमारीआँखें
अश्क-ए-ख़ूनींसेअसीरीमेंउठालुत्फ़-ए-बहार
हैक़फ़सरश्क-ए-चमनअबर-ए-बहारीआँखें
क्याकरेंबज़्म-ए-हसीनाँमें'तअश्शुक़'जाकर
रहींक़ाबिल-ए-नज़्ज़ाराहमारीआँखें
  - Taashshuq Lakhnavi
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