do damoon se hai faqat gor-e-ghareeban aabaad | दो दमों से है फ़क़त गोर-ए-ग़रीबाँ आबाद

  - Taashshuq Lakhnavi
दोदमोंसेहैफ़क़तगोर-ए-ग़रीबाँआबाद
तुमहमेशारहोहसरत-ओ-अरमाँआबाद
तुझसेदर्दहैक़स्र-ए-दिल-ए-वीराँआबाद
कियासर-अफ़राज़कियाख़ाना-वीराँआबाद
जिसजगहबैठकेरोएवोमकाँडूबगए
शहरहोनेनहींदेतेतिरेगिर्यांआबाद
क़ैस-ओ-फ़रहादकेदमसेभीअजबरौनक़थी
कुछदिनोंख़ूबरहेकोह-ओ-बयाबाँआबाद
वहशत-ए-दिलयेबढ़ीछोड़दिएघरसबने
तुमहुएख़ाना-नशींहोगईंगलियाँआबाद
आमद-ए-क़ाफ़िला-ए-दर्द-ओ-अलमहैसद-शुक्र
आजहोतीहैसरा-ए-दिल-ए-वीराँआबाद
मिटगएदाग़-ए-जिगरहुस्न-ए-रुख़-ए-यारगया
कलकीहैबातकिथाक्यायेगुलिस्ताँआबाद
तेरेदीवानोंकेजिसदश्तसेउठ्ठेबिस्तर
वहशियोंसेहुआफिरवोबयाबाँआबाद
सूरत-ए-शम्अहुआख़ाक-ए-बदनजलजलकर
हमनेतुर्बतभीकीशब-ए-हिज्राँआबाद
सोहबतेंहोगईंबर्बादगुल-अंदामोंकी
ख़ाकउड़तीहैवहाँथेजोगुलिस्ताँआबाद
सीनादिलमेंख़ुशीसेजगहथीग़मकी
'तअश्शुक़'येमकाँभीथेकभीहाँआबाद
  - Taashshuq Lakhnavi
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