याद-ए-अय्यामकिहम-रुतबा-ए-रिज़वाँहमथे
बाग़बान-ए-चमन-ए-महफ़िल-ए-जानाँहमथे
क़ाबिल-ए-क़त्लनऐलश्कर-ए-मिज़्गाँहमथे
दिलकीउजड़ीहुईबस्तीकेनिगहबाँहमथे
धज्जियाँजेबकीहाथोंमेंहैंआजऐवहशत
जामा-ज़ेबोंसेकभीदस्त-ओ-गरेबाँहमथे
जानलीगेसूओंनेउल्फ़त-ए-रुख़मेंआख़िर
काफ़िरोंनेहमेंमाराकिमुसलमाँहमथे
ग़ैरकेघरकीतरफ़केजोउठेथेपर्दे
इत्रबालोंमेंवोमलतेथेपरेशाँहमथे
क़फ़स-ए-तंगमेंघुटघुटकेनमरतेक्यूँँ-कर
नाज़-पर्वर्दा-ए-आग़ोश-ए-गुलिस्ताँहमथे
रूहतड़पीहैप-ए-लाला-ए-सहराक्याक्या
फ़स्ल-ए-गुलजोशपेथीक़ैदी-ए-ज़िंदाँहमथे
दिलकेदेनेमेंतअम्मुलहमेंहोताक्यूँँ-कर
येहसीनोंकीअमानतथीनिगहबाँहमथे
आजथीशबकोबहुतदाग़-ए-जिगरमेंसोज़िश
कहतीथीउनकीमलाहतनमक-अफ़्शाँहमथे
शो'ला-ए-हुस्नसेथादूद-ए-दिलअपनाअव्वल
आगदुनियामेंनआईथीकिसोज़ाँहमथे
हरतरफ़दहरमेंथाज़ुल्फ़कीज़ंजीरकागुल
मगरऐजोश-ए-जुनूँसिलसिला-जुम्बाँहमथे
क़ाफ़िलेरातकोआतेथेउधरजानकेआग
दश्त-ए-ग़ुर्बतमेंजिधरऐदिल-ए-सोज़ाँहमथे
कहतेहैंआरिज़-ए-महबूबकिथीरातजोगर्म
चाँदपरओसपड़ीथीअरक़-अफ़्शाँहमथे
तौक़मिन्नतकेगलेमेंथेवोदिनयादकरो
तुमपरउसअहदमेंभीचाक-गरेबाँहमथे
देतेफिरतेथेहसीनोंकीगलीमेंआवाज़
कभीआईना-फ़रोश-ए-दिल-ए-हैराँहमथे
डूबजातेहैंजोरहरहके'तअश्शुक़'तारे
मिस्ल-ए-अब्रआख़िर-ए-शबवस्लमेंगिर्यांहमथे