hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Simar Gozra
baaton baaton men tu ghabra jaata hai
baaton baaton men tu ghabra jaata hai | बातों बातों में तू घबरा जाता है
- Simar Gozra
बातों
बातों
में
तू
घबरा
जाता
है
इश्क़
करने
में
तेरा
क्या
जाता
है
मैं
तेरी
हर
बात
मानूँ
और
तू
हर
किसी
की
बातों
में
आ
जाता
है
रात
को
भी
सो
नहीं
पाता
हूँ
मैं
तुझ
को
खो
देने
का
डर
खा
जाता
है
इतनी
जो
रौनक़
है
मैं
देखूँ
ज़रा
इस
गली
से
कौन
आता
जाता
है
- Simar Gozra
Download Ghazal Image
सखी
को
हमारी
नज़र
लग
न
जाए
उसे
ख़्वाब
में
रात
भर
देखते
हैं
Sahil Verma
Send
Download Image
25 Likes
यहाँ
पे
कल
की
रात
सर्द
थी
हर
एक
रोज़
से
सो
रात
भर
बुझा
नहीं
तुम्हारी
याद
का
अलाव
Siddharth Saaz
Send
Download Image
38 Likes
हमारी
याद
आने
पर
अकेली
रात
में
तुम
भी
कभी
पंखा
कभी
टीवी
कभी
दीवार
देखोगे
Ambar
Send
Download Image
6 Likes
ये
हवा
सारे
चराग़ों
को
उड़ा
ले
जाएगी
रात
ढलने
तक
यहाँ
सब
कुछ
धुआँ
हो
जाएगा
Naseer Turabi
Send
Download Image
31 Likes
रात
के
जिस्म
में
जब
पहला
पियाला
उतरा
दूर
दरिया
में
मेरे
चाँद
का
हाला
उतरा
Kumar Vishwas
Send
Download Image
48 Likes
कुछ
लोग
ख़यालों
से
चले
जाएँ
तो
सोएँ
बीते
हुए
दिन
रात
न
याद
आएँ
तो
सोएँ
Habib Jalib
Send
Download Image
42 Likes
दिन
ढल
गया
और
रात
गुज़रने
की
आस
में
सूरज
नदी
में
डूब
गया,
हम
गिलास
में
Rahat Indori
Send
Download Image
122 Likes
थोड़ा
सा
अक्स
चाँद
के
पैकर
में
डाल
दे
तू
आ
के
जान
रात
के
मंज़र
में
डाल
दे
Kaif Bhopali
Send
Download Image
26 Likes
इसी
खंडर
में
कहीं
कुछ
दिए
हैं
टूटे
हुए
इन्हीं
से
काम
चलाओ
बड़ी
उदास
है
रात
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
27 Likes
है
किसी
जालिम
उदू
की
घात
दरवाज़े
में
है
या
मसाफ़त
है
नई
या
रात
दरवाज़े
में
है
जिस
तरहा
उठती
है
नजरें
बे-इरादा
बार-बार
साफ़
लगता
है
के
कोई
बात
दरवाजे
में
Read Full
Farhat Abbas Shah
Send
Download Image
19 Likes
Read More
अब
मेरे
पास
कुछ
भी
मेरा
नहीं
जाँ
थी
इक
वो
भी
ले
गया
कोई
Simar Gozra
Send
Download Image
2 Likes
लोग
तो
इसको
धोखा
जुदाई
दर्द
फ़िराक़त
मानते
हैं
बस
हम
शाइर
ही
है
मुहब्बत
को
जो
मुहब्बत
मानते
हैं
Simar Gozra
Send
Download Image
2 Likes
अपना
सा
है
ये
लग
रहा
कोई
मेरी
आँखों
में
हादसा
कोई
अब
मेरे
पास
मेरा
कुछ
भी
नहीं
जाँ
थी
इक
वो
भी
ले
गया
कोई
देख
ये
ज़ख़्मों
से
भरे
हुए
हाथ
कभी
इनको
था
चूमता
कोई
सज़ा
भी
हमको
रात
की
ही
हुई
चैन
से
कैसे
काटता
कोई
कही
रख
कर
मैं
ख़ुद
को
भूल
गया
मुझको
फिर
कैसे
ढूँढता
कोई
Read Full
Simar Gozra
Download Image
2 Likes
मैं
नहीं
चाहता
वो
मुझको
इज़हार
करे
गर
मैं
करूँॅं
तो
फिर
वो
क्यूँँॅं
इनकार
करे
उसको
चाहने
वालों
मुझ
सेे
पूछो
तुम
वो
मर
जाए
जो
भी
उस
सेे
प्यार
करे
सुना
कि
वो
गुज़रे
तो
बारिश
होती
है
ऐसा
है
तो
सहरा
में
बौछार
करे
चाहत
रखने
से
नई
लैला
मिल
जाती
कोई
मजनू
के
जैसा
भी
प्यार
करे
Read Full
Simar Gozra
Download Image
4 Likes
दिल
में
मेरे
ये
डर
सा
उठा
है
वो
मेरे
शहर
में
आ
चुका
है
मुझको
कोई
तो
घर
छोड़
आओ
जिसको
भी
मेरे
घर
का
पता
है
मैं
उसे
अब
कहा
ढूँढूँ
जो
वो
मेरे
भीतर
कहीं
तो
छुपा
है
अब
फ़क़त
राख
होना
है
बाक़ी
आग
तो
वो
लगा
ही
चुका
है
कौन
से
मुँह
उसे
मिलने
जाऊँ
उसके
घर
आगे
शीशा
लगा
है
हम
कहा
थे
कहाँ
आ
चुके
हैं
वो
कहाँ
था
कहाँ
जा
चुका
है
दूर
से
तुम
नहीं
दिख
रहे
और
वैसे
भी
मुझको
चश्मा
लगा
है
किसको
किसको
मनाऊँ
मैं
जो
अब
हर
कोई
मुझ
सेे
यूँँ
ही
ख़फ़ा
है
सारे
'आशिक़
यहाँ
मरते
हैं
वो
उसका
दिल
ऐसा
दश्त-ए-वगा
है
Read Full
Simar Gozra
Download Image
5 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Safar Shayari
Shadi Shayari
Mehfil Shayari
Khyaal Shayari
Aawargi Shayari