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Shubham Dwivedi
yahii ab aag ka dariyaa hai manzil aakhiri meri
yahii ab aag ka dariyaa hai manzil aakhiri meri | यही अब आग का दरिया है मंज़िल आख़िरी मेरी,
- Shubham Dwivedi
यही
अब
आग
का
दरिया
है
मंज़िल
आख़िरी
मेरी,
गले
तक
जिस्म
डूबा
है
फ़क़त
अब
सर
ही
बाकी
है
- Shubham Dwivedi
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ये
सच
है
नफ़रतों
की
आग
ने
सब
कुछ
जला
डाला
मगर
उम्मीद
की
ठण्डी
हवाएँ
रोज़
आती
हैं
Munawwar Rana
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उसने
हम
सेे
बातें
करना
छोड़
दिया
माँ
की
जिस
सेे
बात
कराने
वाले
थे
Tanoj Dadhich
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ये
शुक्र
है
कि
मिरे
पास
तेरा
ग़म
तो
रहा
वगर्ना
ज़िंदगी
भर
को
रुला
दिया
होता
Gulzar
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जब
से
वो
समुंदर
पार
गया
गोरी
ने
सँवरना
छोड़
दिया
Bekal Utsahi
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दुनिया
के
भरम
को
कुछ
यूँँ
तोड़
दिया
मैंने
इस
बार
नसीबों
का
रुख़
मोड़
दिया
मैंने
Harsh saxena
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कोई
दवा
न
दे
सके
मशवरा-ए-दुआ
दिया
चारागरों
ने
और
भी
दर्द
दिल
का
बढ़ा
दिया
Hafeez Jalandhari
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वो
आँखें
आपके
ग़म
में
नहीं
हुई
हैं
नम
दिया
जलाते
हुए
हाथ
जल
गया
होगा
Shadab Javed
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कितनी
उजलत
में
मिटा
डाला
गया
आग
में
सब
कुछ
जला
डाला
गया
Manish Shukla
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जो
तेरी
बाँहों
में
हँसती
रही
है
खेली
है
वो
लड़की
राज़
नहीं
है
कोई
पहेली
है
हाँ
मेरा
हाथ
पकड़
कर
झटक
दिया
उसने
सहारा
दे
के
बताया
कि
तू
अकेली
है
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Tajdeed Qaiser
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तुमको
हिचकी
लेने
से
भी
दिक़्क़त
थी
मैंने
तुमको
याद
ही
करना
छोड़
दिया
Mehshar Afridi
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मुसलसल
ख़्वाब
में
आती
रही
वो
हक़ीकत
में
जिसे
दिल
चाहता
है
Shubham Dwivedi
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ख़ुद-कुशी
ही
थी,पर
ऐसा
जाल
में
फांसा
मुझे
मर
गया
वो
शख़्स,मेरे
हाथ
ख़ंजर
रह
गया
मिलने
की
उम्मीद
से,उस
लाश
के
ताबूत
में
जिस्म
लेटा
था,पर
उसका
हाथ
बाहर
रह
गया
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Shubham Dwivedi
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मन
है
चंचल
ये
डाली
बदलता
रहा
बन
के
मर्कट
उछल
के
ये
छलता
रहा
हम
समझते
तो
हैं
इसकी
हर
चाल
को
मन
तो
मन
है
ये
फिर
भी
मचलता
रहा
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Shubham Dwivedi
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कभी
हँसता
हूँ
तो
आँखें
कभी
मैं
नम
भी
रखता
हूँ
हर
इक
मुस्कान
के
पीछे
हज़ारों
ग़म
भी
रखता
हूँ
शिफ़ा
भी
दे
नहीं
सकता
मुझे
कोई
मेरा
अपना
नतीजन
मैं
मिरे
ज़ख़्मों
का
ख़ुद
मरहम
भी
रखता
हूँ
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Shubham Dwivedi
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लफ़्ज़
सारे
धरे
के
धरे
ही
रहे
वो
खड़े
थे
खड़े
के
खड़े
ही
रहे
उनके
मरहम
में
वो
बात
थी
ही
नहीं
ज़ख़्म
मेरे
हरे
के
हरे
ही
रहे
चैन
की
साँस
लेने
की
फ़ुर्सत
न
थी
आशिक़ी
में
मेरे
हादसे
ही
रहे
मैंने
सोचा
था
है
इल्म
थोड़ा
मगर
शा'इरी
में
मेरे
मस'अले
ही
रहे
लोग
आते
रहे
फूल
चुनते
रहे
ऐ
'शुभम'
तुम
भले
के
भले
ही
रहे
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Shubham Dwivedi
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