hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shubham Dwivedi
khudkushi hi थी,पर aisa jaal men faansa mujhe
khudkushi hi थी,पर aisa jaal men faansa mujhe | ख़ुद-कुशी ही थी,पर ऐसा जाल में फांसा मुझे
- Shubham Dwivedi
ख़ुद-कुशी
ही
थी,पर
ऐसा
जाल
में
फांसा
मुझे
मर
गया
वो
शख़्स,मेरे
हाथ
ख़ंजर
रह
गया
मिलने
की
उम्मीद
से,उस
लाश
के
ताबूत
में
जिस्म
लेटा
था,पर
उसका
हाथ
बाहर
रह
गया
- Shubham Dwivedi
Download Sher Image
नहीं
निगाह
में
मंज़िल,
तो
जुस्तजू
ही
सही
नहीं
विसाल
मुयस्सर
तो
आरज़ू
ही
सही
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
41 Likes
चलो
माना
कि
रोना
मसअले
का
हल
नहीं
लेकिन
करे
भी
क्या
कोई
जब
ख़त्म
हर
उम्मीद
हो
जाए
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
29 Likes
मैदाँ
में
हार
जीत
का
यूँँ
फ़ैसला
हुआ
दुनिया
थी
उन
के
साथ
हमारा
ख़ुदा
हुआ
Jameel Malik
Send
Download Image
26 Likes
हम
हार
गए
तुम
जीत
गए
हम
ने
खोया
तुम
ने
पाया
इन
छोटी
छोटी
बातों
का
हम
कोई
ख़याल
नहीं
करते
Wali Aasi
Send
Download Image
40 Likes
यार
आसान
होती
नहीं
यह
कला
मौन
रहना
बड़ी
ही
चुनौती
रही
Aniket sagar
Send
Download Image
5 Likes
ज़िद
हर
इक
बात
पर
नहीं
अच्छी
दोस्त
की
दोस्त
मान
लेते
हैं
Dagh Dehlvi
Send
Download Image
52 Likes
मैं
अकेला
ही
चला
था
जानिब-ए-मंज़िल
मगर
लोग
साथ
आते
गए
और
कारवाँ
बनता
गया
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
67 Likes
गर
बाज़ी
इश्क़
की
बाज़ी
है,
जो
चाहो
लगा
दो
डर
कैसा
गर
जीत
गए
तो
क्या
कहना,
हारे
भी
तो
बाज़ी
मात
नहीं
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
63 Likes
मुझको
भी
ज़िद
करने
का
हक़
दो
साहब
मेरे
भीतर
भी
इक
बच्चा
रहता
है
Atul K Rai
Send
Download Image
9 Likes
हिम्मत,
ताकत,
प्यार,
भरोसा
जो
है
सब
इनसे
ही
है
कुछ
नंबर
हैं
जिन
पर
मैंने
अक्सर
फोन
लगाया
है
Pratap Somvanshi
Send
Download Image
95 Likes
Read More
कभी
हँसता
हूँ
तो
आँखें
कभी
मैं
नम
भी
रखता
हूँ
हर
इक
मुस्कान
के
पीछे
हज़ारों
ग़म
भी
रखता
हूँ
शिफ़ा
भी
दे
नहीं
सकता
मुझे
कोई
मेरा
अपना
नतीजन
मैं
मिरे
ज़ख़्मों
का
ख़ुद
मरहम
भी
रखता
हूँ
Read Full
Shubham Dwivedi
Send
Download Image
3 Likes
लफ़्ज़
सारे
धरे
के
धरे
ही
रहे
वो
खड़े
थे
खड़े
के
खड़े
ही
रहे
उनके
मरहम
में
वो
बात
थी
ही
नहीं
ज़ख़्म
मेरे
हरे
के
हरे
ही
रहे
चैन
की
साँस
लेने
की
फ़ुर्सत
न
थी
आशिक़ी
में
मेरे
हादसे
ही
रहे
मैंने
सोचा
था
है
इल्म
थोड़ा
मगर
शा'इरी
में
मेरे
मस'अले
ही
रहे
लोग
आते
रहे
फूल
चुनते
रहे
ऐ
'शुभम'
तुम
भले
के
भले
ही
रहे
Read Full
Shubham Dwivedi
Download Image
2 Likes
बिन
बादल
बरसात
आई
है,आने
दो,
उसके
घर
बारात
आई
है,
आने
दो
Shubham Dwivedi
Send
Download Image
0 Likes
हमारी
ख़ुशी
का
ठिकाना
नहीं
है
हमें
इश्क़
की
ज़द
में
आना
नहीं
है
मुलाक़ात
करनी
नहीं
चाहता
पर
मिरे
पास
कोई
बहाना
नहीं
है
नज़र
ही
शिकारी
हो
जिसकी
शुभम्
फिर
उसे
तीर
कोई
चलाना
नहीं
है।
वो
तुम
सेे
जो
पूछे
मोहब्बत
के
बारे
तुम्हें
चुप
है
रहना
बताना
नहीं
है
ज़ुबानी
निगाहों
की
समझो
तो
जानूँ
मुझे
लब
से
कुछ
भी
बताना
नहीं
है
Read Full
Shubham Dwivedi
Download Image
0 Likes
किसी
की
बात
सुनकर
आ
रहे
हैं
सो
अब
हम
पर
निशाना
ला
रहे
हैं
हमारे
सामने
अकड़े
खड़े
हैं
तो
अब
चूज़ों
के
भी
पर
आ
रहे
हैं
Read Full
Shubham Dwivedi
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Teacher Shayari
Hindustan Shayari
Inquilab Shayari
Mood off Shayari
Raaz Shayari