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Shubham Dwivedi
khudkushi hi थी,पर aisa jaal men faansa mujhe
khudkushi hi थी,पर aisa jaal men faansa mujhe | ख़ुद-कुशी ही थी,पर ऐसा जाल में फांसा मुझे
- Shubham Dwivedi
ख़ुद-कुशी
ही
थी,पर
ऐसा
जाल
में
फांसा
मुझे
मर
गया
वो
शख़्स,मेरे
हाथ
ख़ंजर
रह
गया
मिलने
की
उम्मीद
से,उस
लाश
के
ताबूत
में
जिस्म
लेटा
था,पर
उसका
हाथ
बाहर
रह
गया
- Shubham Dwivedi
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जहाँ
तक
भाग
पाओ
मौत
हम
सेे
भाग
लो
लेकिन
हमारा
वा'दा
है
इक
दिन
तुम्हें
अपना
करेंगे
हम
Gautam Raj 'Dheeraj'
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लेने
आएगी
मौत
जब
मुझको
मेरे
पहलू
में
आब-ए-ज़मज़म
हो
Amaan Pathan
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ज़िंदगी
दूर
ही
हमें
कर
दे
मौत
के
बाद
वस्ल
मुमकिन
है
Akash Panwar
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मौत
ही
इंसान
की
दुश्मन
नहीं
ज़िंदगी
भी
जान
ले
कर
जाएगी
Arsh Malsiyani
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राम
के
हाथों
मौत
लिखी
थी
रावण
की
वरना
तो
बजरंगबली
ही
काफ़ी
थे
Sanskar 'Sanam'
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मौत
वो
है
जो
आए
सजदे
में
ज़िन्दगी
वो
जो
बंदगी
हो
जाए
क्या
कहूँ
आप
कितने
प्यारे
हैं
इतने
प्यारे
कि
प्यार
ही
हो
जाए
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Vikram Gaur Vairagi
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ज़िंदगी
और
चल
नहीं
सकती
आने
पे
मौत
टल
नहीं
सकती
Afzal Sultanpuri
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तुम्हारे
बाद
अब
मैं
क्या
करूँँगा
गुज़रती
गाड़ियाँ
देखा
करूँँगा
मेरे
मरने
पे
काफ़ी
लोग
होंगे
मैं
अपनी
मौत
पर
ख़र्चा
करूँँगा
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Asif Ali
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ख़ुद-कुशी
करने
से
बेहतर
ज़िंदगी
के
खेल
में
फीस
पूरी
दीजिए
पूरा
तमाशा
देखिए
Vijay Anand Mahir
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जब
से
छेड़ा
है
मेरे
ज़ख़्मों
को
आ
रही
मौत
की
सदा
मुझको
Rachit Sonkar
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यही
अब
आग
का
दरिया
है
मंज़िल
आख़िरी
मेरी,
गले
तक
जिस्म
डूबा
है
फ़क़त
अब
सर
ही
बाकी
है
Shubham Dwivedi
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बिन
बादल
बरसात
आई
है,आने
दो,
उसके
घर
बारात
आई
है,
आने
दो
Shubham Dwivedi
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किसी
की
बात
सुनकर
आ
रहे
हैं
सो
अब
हम
पर
निशाना
ला
रहे
हैं
हमारे
सामने
अकड़े
खड़े
हैं
तो
अब
चूज़ों
के
भी
पर
आ
रहे
हैं
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Shubham Dwivedi
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सारे
जग
को
घूम
किनारे
आ
बैठे
अब
बस
अपनी
नैया
पार
लगानी
है
Shubham Dwivedi
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हमारी
ख़ुशी
का
ठिकाना
नहीं
है
हमें
इश्क़
की
ज़द
में
आना
नहीं
है
मुलाक़ात
करनी
नहीं
चाहता
पर
मिरे
पास
कोई
बहाना
नहीं
है
नज़र
ही
शिकारी
हो
जिसकी
शुभम्
फिर
उसे
तीर
कोई
चलाना
नहीं
है।
वो
तुम
सेे
जो
पूछे
मोहब्बत
के
बारे
तुम्हें
चुप
है
रहना
बताना
नहीं
है
ज़ुबानी
निगाहों
की
समझो
तो
जानूँ
मुझे
लब
से
कुछ
भी
बताना
नहीं
है
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Shubham Dwivedi
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