hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
shampa andaliib
beja hai mujh ko ab ye zamaane kii raunqen
beja hai mujh ko ab ye zamaane kii raunqen | बेजा है मुझ को अब ये ज़माने की रौनक़ें
- shampa andaliib
बेजा
है
मुझ
को
अब
ये
ज़माने
की
रौनक़ें
दिल
को
सुकून
मिल
रहा
बस
देख
कर
तुझे
- shampa andaliib
Download Sher Image
जौन
तुम्हें
ये
दौर
मुबारक,
दूर
ग़म-ए-अय्याम
से
हो
एक
पागल
लड़की
को
भुला
कर
अब
तो
बड़े
आराम
से
हो
Jaun Elia
Send
Download Image
160 Likes
इतना
तो
ज़िंदगी
में
किसी
के
ख़लल
पड़े
हँसने
से
हो
सुकून
न
रोने
से
कल
पड़े
Kaifi Azmi
Send
Download Image
21 Likes
मुसीबतों
में
तो
याद
करते
ही
हैं
किसी
को
ये
लोग
सारे
मगर
कभी
जो
सुकूँ
में
आए
ख़याल
मेरा
तो
लौट
आना
Hasan Raqim
Send
Download Image
7 Likes
फूलों
की
सेज
पर
ज़रा
आराम
क्या
किया
उस
गुल-बदन
पे
नक़्श
उठ
आए
गुलाब
के
Adil Mansuri
Send
Download Image
25 Likes
वो
रातें
चाँद
के
साथ
गईं
वो
बातें
चाँद
के
साथ
गईं
अब
सुख
के
सपने
क्या
देखें
जब
दुख
का
सूरज
सर
पर
हो
Ibn E Insha
Send
Download Image
20 Likes
ग़म
है
तो
कोई
लुत्फ़
नहीं
बिस्तर-ए-गुल
पर
जी
ख़ुश
है
तो
काँटों
पे
भी
आराम
बहुत
है
Kaleem Aajiz
Send
Download Image
41 Likes
शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
Read Full
Aman G Mishra
Send
Download Image
2 Likes
बस्ती
बस्ती
ख़ाक
उड़ाये,
बस
वहशत
का
मारा
हो
उस
सेे
इश्क़
की
आस
न
करना
जिसका
मन
बंजारा
हो
ख़ुद
को
शाइर
कहते
रहना
दिल
को
लाख
सुकूँ
दे
दे
लेकिन
दुनिया
की
नज़रों
में
तुम
अब
भी
आवारा
हो
Read Full
Daagh Aligarhi
Send
Download Image
31 Likes
हम
रातों
को
उठ
उठ
के
जिनके
लिए
रोते
हैं
वो
ग़ैर
की
बाँहों
में
आराम
से
सोते
हैं
Hasrat Jaipuri
Send
Download Image
35 Likes
सुकून
ए
क़ल्ब
होता
है
मुयस्सर
तेरा
जब
नाम
आता
है
लबों
पर
Kiran K
Send
Download Image
19 Likes
Read More
क्या
चीज़
मोहब्बत
है
अगर
जानना
चाहो
इक
बार
मोहब्बत
को
मोहब्बत
से
पुकारो
shampa andaliib
Send
Download Image
0 Likes
पहले
होता
था
इक
हुजूम
मगर
अब
कोई
रू-ब-रू
नहीं
रहता
shampa andaliib
Send
Download Image
0 Likes
मैंने
हारी
है
इश्क़
की
बाज़ी
क्या
मुझे
अब
भी
मौत
आएगी?
shampa andaliib
Send
Download Image
1 Like
हँसता
ही
जा
रहा
मुझे
हर
कोई
देख
कर
घंटों
से
मुब्तिला
हूँ
मैं
कार-ए-फ़ुज़ूल
में
shampa andaliib
Send
Download Image
0 Likes
कार-ए-दुनिया
से
थक
गई
जब
मैं
तेरे
दीदार
से
मिला
आराम
shampa andaliib
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Nadii Shayari
Diversity Shayari
Paani Shayari
Aawargi Shayari
Raaz Shayari