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Kiran K
sukoon ae qalb hota hai muyassar
sukoon ae qalb hota hai muyassar | सुकून ए क़ल्ब होता है मुयस्सर
- Kiran K
सुकून
ए
क़ल्ब
होता
है
मुयस्सर
तेरा
जब
नाम
आता
है
लबों
पर
- Kiran K
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एक
ही
शख़्स
नहीं
होता
सदा
दिल
का
सुकूँ
एक
करवट
पे
कभी
नींद
नहीं
आ
सकती
Rehan Mirza
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शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
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Aman G Mishra
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ऐ
मिरी
ज़ात
के
सुकूँ
आ
जा
थम
न
जाए
कहीं
जुनूँ
आ
जा
इस
से
पहले
कि
मैं
अज़िय्यत
में
अपनी
आँखों
को
नोच
लूँ
आ
जा
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Fareeha Naqvi
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दिल
की
चोटों
ने
कभी
चैन
से
रहने
न
दिया
जब
चली
सर्द
हवा
मैं
ने
तुझे
याद
किया
Josh Malihabadi
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सुकून
देती
थी
तब
मुझको
वस्ल
की
सिगरेट
अब
उसके
हिज्र
के
फ़िल्टर
से
होंठ
जलते
हैं
Upendra Bajpai
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थकना
भी
लाज़मी
था
कुछ
काम
करते
करते
कुछ
और
थक
गया
हूँ
आराम
करते
करते
Zafar Iqbal
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गुज़िश्ता
साल
कोई
मस्लहत
रही
होगी
गुज़िश्ता
साल
के
सुख
अब
के
साल
दे
मौला
Liyaqat Ali Aasim
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इसीलिए
मैं
बिछड़ने
पर
सोगवार
नहीं,
सुकून
पहली
ज़रूरत
है,
तेरा
प्यार
नहीं!
जवाब
ढ़ूंढ़ने
में
उम्र
मत
गँवा
देना,
सवाल
करती
है
दुनिया
पर
एतबार
नहीं
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Balmohan Pandey
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ईद
के
रोज़
यही
अपनी
दु'आ
है
रब
से
मुल्क
में
अमन
का,
उलफ़त
का
बसेरा
हो
जाए
हर
परेशानी
से
हर
शख़्स
को
मिल
जाए
नजात
इस
सियह
रात
का
बस
जल्द
सवेरा
हो
जाए
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Zaki Azmi
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लड़कियों
के
दुख
अजब
होते
हैं
सुख
उस
से
अजीब
हँस
रही
हैं
और
काजल
भीगता
है
साथ
साथ
Parveen Shakir
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रहती
है
ख़िज़्र
जैसी
हर
वक़्त
साथ
मेरे
माँ
की
दु'आ
सा
कोई
हमराह
ही
नहीं
है
Kiran K
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ज़िन्दगी
मुस्तक़िल
वबाल
रही
हर
घड़ी
थी
ज़वाल
की
सूरत
Kiran K
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छुआ
था
नाम
कभी
मेरी
क़लम
ने
उसका
तभी
से
मीरा
बनी
लिख
रही
है
बस
उसको
Kiran K
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रौशनी
कमरे
में
मेरे
देर
तक
ठहरी
रही
जब
उठी
मिज़गाँ
तो
इक
सूरज
मेरे
पहलू
में
था
Kiran K
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इश्क़
तेरा
हो
भले
औहाम
ही
साँस
लेने
की
हसीं
इक
वज्ह
है
Kiran K
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