hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
shampa andaliib
ai ishq be-misaal tu hogaa jise bhi ho
ai ishq be-misaal tu hogaa jise bhi ho | ऐ इश्क़ बे-मिसाल तू होगा जिसे भी हो
- shampa andaliib
ऐ
इश्क़
बे-मिसाल
तू
होगा
जिसे
भी
हो
मेरी
नज़र
में
आज
से
तू
जाल-साज़
है
- shampa andaliib
Download Sher Image
इक
कली
की
पलकों
पर
सर्द
धूप
ठहरी
थी
इश्क़
का
महीना
था
हुस्न
की
दुपहरी
थी
ख़्वाब
याद
आते
हैं
और
फिर
डराते
हैं
जागना
बताता
है
नींद
कितनी
गहरी
थी
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
64 Likes
तेरे
बग़ैर
ख़ुदा
की
क़सम
सुकून
नहीं
सफ़ेद
बाल
हुए
हैं
हमारा
ख़ून
नहीं
न
हम
ही
लौंडे
लपाड़ी
न
कच्ची
उम्र
का
वो
ये
सोचा
समझा
हुआ
इश्क़
है
जुनून
नहीं
Read Full
Shamim Abbas
Send
Download Image
37 Likes
सर्दी
और
गर्मी
के
उज़्र
नहीं
चलते
मौसम
देख
के
साहब
इश्क़
नहीं
होता
Moin Shadab
Send
Download Image
35 Likes
क्या
ग़लत-फ़हमी
में
रह
जाने
का
सदमा
कुछ
नहीं
वो
मुझे
समझा
तो
सकता
था
कि
ऐसा
कुछ
नहीं
इश्क़
से
बच
कर
भी
बंदा
कुछ
नहीं
होता
मगर
ये
भी
सच
है
इश्क़
में
बंदे
का
बचता
कुछ
नहीं
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
301 Likes
नींद
के
दायरे
में
हाज़िर
हूँ
ख़्वाब
के
रास्ते
में
हाज़िर
हूँ
याद
है
इश्क़
था
कभी
मुझ
सेे
मैं
उसी
सिलसिले
में
हाज़िर
हूँ
Read Full
Ejaz Tawakkal Khan
Send
Download Image
17 Likes
गुदाज़-ए-इश्क़
नहीं
कम
जो
मैं
जवाँ
न
रहा
वही
है
आग
मगर
आग
में
धुआँ
न
रहा
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
28 Likes
मैं
बाल
बाल
बच
गया
हर
बार
इश्क़
से
सर
के
बहुत
क़रीब
से
पत्थर
गुज़र
गए
Umair Najmi
Send
Download Image
80 Likes
बख़्शी
हैं
हम
को
इश्क़
ने
वो
जुरअतें
'मजाज़'
डरते
नहीं
सियासत-ए-अहल-ए-जहाँ
से
हम
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
32 Likes
पहला
इश्क़
सफल
हो
जाए
यार
कहाँ
ये
मुमकिन
है
पहली
रोटी
गोल
बने
ये
तो
लगभग
नामुमकिन
है
Rituraj kumar
Send
Download Image
39 Likes
आग
थे
इब्तिदा-ए-इश्क़
में
हम
अब
जो
हैं
ख़ाक
इंतिहा
है
ये
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
20 Likes
Read More
मुझ
को
रोने
का
दे
दिया
किरदार
मेरी
आदत
थी
मुस्कुराने
की
shampa andaliib
Send
Download Image
0 Likes
और
उम्मीद
क्या
रखूँ
तुझ
से
एक
रिश्ता
निभा
नहीं
पाया
shampa andaliib
Send
Download Image
1 Like
जहाँ
भी
ज़रा
सी
मिले
रौशनी
दिल
ख़मोशी
उदासी
मिटा
तीरगी
दिल
पुराने
दरीचे
सभी
खोल
बैठा
न
बन
जाए
मुश्किल
तुझे
ताज़गी
दिल
कई
लोग
अपने
पराए
हुए
हैं
हमें
आज़माए
है
फिर
ज़िंदगी
दिल
ये
गर्दिश
का
आलम
है
दो
चार
दिन
बस
नहीं
रहता
कोई
हमेशा
दुखी
दिल
मुझे
मुश्किलों
ने
बहुत
आज़माया
खड़ी
अपने
दम
पर
मैं
फिर
भी
रही
दिल
Read Full
shampa andaliib
Download Image
1 Like
मुसलसल
तक
रही
तस्वीर
उनकी
जिन्हें
देखा
नहीं
जी
भर
के
मैंने
shampa andaliib
Send
Download Image
1 Like
तेरी
मुस्कान
मेरे
ज़ख़्मों
पर
रोज़
मरहम
का
काम
करती
है
shampa andaliib
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Intiqam Shayari
Pollution Shayari
Bimar Shayari
Propose Shayari
Aashiq Shayari