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Shadan Ahsan Marehrvi
karbala thii husain ki meraaj
karbala thii husain ki meraaj | कर्बला थी हुसैन की मेराज
- Shadan Ahsan Marehrvi
कर्बला
थी
हुसैन
की
मेराज
क़त्ल
बस
वस्ल
का
बहाना
था
- Shadan Ahsan Marehrvi
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वफ़ा
का
ज़ोर
अगर
बाज़ुओं
में
आ
जाए
चराग़
उड़ता
हुआ
जुगनुओं
में
आ
जाए
खिराजे
इश्क़,
कहीं
जा
के
तब
अदा
होगा
हमारा
ख़ून
अगर
आँसुओं
में
आ
जाए
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Hashim Raza Jalalpuri
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अश्क़-ओ-ख़ून
घुलते
हैं
तब
दीदा-ए-तर
बनती
है
दास्तान
इश्क़
में
मरने
से
अमर
बनती
है
Jaani Lakhnavi
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इक
ज़रा
बात
पर
अपने
से
पराए
हुए
लोग
हाए
वो
ख़ून
पसीने
से
कमाए
हुए
लोग
Khan Janbaz
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हम
नहीं
वो
जो
करें
ख़ून
का
दावा
तुझ
पर
बल्कि
पूछेगा
ख़ुदा
भी
तो
मुकर
जाएँगे
Sheikh Ibrahim Zauq
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ख़ून
से
सींची
है
मैं
ने
जो
ज़मीं
मर
मर
के
वो
ज़मीं
एक
सितम-गर
ने
कहा
उस
की
है
Javed Akhtar
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मैं
क़त्ल
तो
हो
गया
तुम्हारी
गली
में
लेकिन
मिरे
लहू
से
तुम्हारी
दीवार
गल
रही
है
Javed Akhtar
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यूँँ
बे-तरतीब
ज़ख़्मों
ने
बताया
राज़
क़ातिल
का
सलीके
से
जो
मेरा
क़त्ल
गर
होता
तो
क्या
होता
Vikram Gaur Vairagi
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ज़ुल्म
फिर
ज़ुल्म
है
बढ़ता
है
तो
मिट
जाता
है
ख़ून
फिर
ख़ून
है
टपकेगा
तो
जम
जाएगा
Sahir Ludhianvi
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इक
अव्वल
दर्जे
का
पाक
इक
माहिर
है
मन
तो
तुझ
में
रमता
है
दिल
काफ़िर
फिर
है
अपनी
सोचो
क़त्ल
तुम्हें
करना
भी
है
बन्दे
का
तो
क्या
है
बन्दा
हाज़िर
है
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Vikram Gaur Vairagi
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ख़ुदा
रोया
बहुत
उस
दिन
ख़ुदा
के
नेक
बन्दों
ने
ख़ुदा
के
नाम
पर
मासूम
का
जब
ख़ून
कर
डाला
Umesh Maurya
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हो
गई
अब
विदा
तेरी
चाहत
उसकी
तस्वीर
भी
जला
देना
Shadan Ahsan Marehrvi
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ज़िंदा
होते
हैं
रोज़
मरते
हैं
लोग
पागल
हैं
इश्क़
करते
हैं
Shadan Ahsan Marehrvi
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सींचते
ख़ून
से
रहे
मक़्तल
तपते
सेहरा
में
वो
ख़ुदा
वाले
इन
निगाहों
में
बेश्तर
मेरी
क़ैद
मंज़र
हैं
करबला
वाले
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Shadan Ahsan Marehrvi
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तेरा
मिलना
कोई
आसाँ
नहीं
था
मिले
हैं
तुझ
सेे
पहले
ग़म
हज़ारों
Shadan Ahsan Marehrvi
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याद
कर
कर
के
आहें
भरते
हैं
उनके
कूचे
से
जब
गुज़रते
हैं
इश्क़
तो
आप
ही
से
करते
हैं
फिर
भी
इज़हार
से
वो
डरते
हैं
ज़ख़्म-ए-उल्फ़त
मगर
नहीं
भरते
चारा-गर
तो
इलाज
करते
हैं
आइना
उन
में
डूब
जाता
है
आइने
में
जो
वो
सँवरते
हैं
मेरी
फितरत
में
है
वफ़ादारी
और
मुझ
सेे
गिला
वो
करते
हैं
इश्क़
में
हाए
है
अजब
हालत
ज़िंदा
रहकर
भी
रोज़
मरते
हैं
रू-ब-रू
जब
भी
हम
नहीं
होते
उनके
गेसू
कहाँ
सँवरते
हैं
हम
मुसाफ़िर
हैं
राह-ए-उल्फ़त
के
रास्तो
में
कहाँ
ठहरते
हैं
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Shadan Ahsan Marehrvi
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