hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shadan Ahsan Marehrvi
seenchte khoon se rahe maqtal
seenchte khoon se rahe maqtal | सींचते ख़ून से रहे मक़्तल
- Shadan Ahsan Marehrvi
सींचते
ख़ून
से
रहे
मक़्तल
तपते
सेहरा
में
वो
ख़ुदा
वाले
इन
निगाहों
में
बेश्तर
मेरी
क़ैद
मंज़र
हैं
करबला
वाले
- Shadan Ahsan Marehrvi
Download Sher Image
तुम
भी
वैसे
थे
मगर
तुम
को
ख़ुदा
रहने
दिया
इस
तरह
तुम
को
ज़माने
से
जुदा
रहने
दिया
Khalil Ur Rehman Qamar
Send
Download Image
67 Likes
ये
जानते
हैं
ठीक
नहीं
माँग
रहे
हैं
हम
एक
खंडहर
को
मकीं
माँग
रहे
हैं
सब
माँग
रहे
हैं
ख़ुदास
तेरा
जिस्म
और
हम
हैं,
कि
फ़क़त
तेरी
जबीं
माँग
रहे
हैं
Read Full
Siddharth Saaz
Send
Download Image
5 Likes
ऐ
आसमान
तेरे
ख़ुदा
का
नहीं
है
ख़ौफ़
डरते
हैं
ऐ
ज़मीन
तेरे
आदमी
से
हम
Unknown
Send
Download Image
32 Likes
किसी
के
तुम
हो
किसी
का
ख़ुदा
है
दुनिया
में
मेरे
नसीब
में
तुम
भी
नहीं
ख़ुदा
भी
नहीं
Akhtar Saeed Khan
Send
Download Image
29 Likes
बाक़ी
न
दिल
में
कोई
भी
या
रब
हवस
रहे
चौदह
बरस
के
सिन
में
वो
लाखों
बरस
रहे
Ameer Minai
Send
Download Image
28 Likes
इस
सादगी
पे
कौन
न
मर
जाए
ऐ
ख़ुदा
लड़ते
हैं
और
हाथ
में
तलवार
भी
नहीं
Mirza Ghalib
Send
Download Image
39 Likes
बना
कर
हमने
दुनिया
को
जहन्नुम
ख़ुदा
का
काम
आसाँ
कर
दिया
है
Rajesh Reddy
Send
Download Image
31 Likes
मुहब्बत
में
हमने
सियासत
न
की
तभी
इश्क़
में
कोई
बरकत
न
की
उसे
मानता
था
मैं
अपना
ख़ुदा
कभी
उसकी
लेकिन
इबादत
न
की
Read Full
RAJAT AWASTHI
Send
Download Image
6 Likes
हमारा
इश्क़
इबादत
का
अगला
दर्जा
है
ख़ुदा
ने
छोड़
दिया
तो
तुम्हारा
नाम
लिया
ग़मों
से
बैर
था
सो
हमने
ख़ुद-कुशी
कर
ली
शजर
ने
गिर
के
परिंदों
से
इन्तेक़ाम
लिया
Read Full
Balmohan Pandey
Send
Download Image
40 Likes
माँ
बाप
और
उस्ताद
सब
हैं
ख़ुदा
की
रहमत
है
रोक-टोक
उन
की
हक़
में
तुम्हारे
नेमत
Altaf Hussain Hali
Send
Download Image
33 Likes
Read More
मयकदों
में
तो
आम
पीते
हैं
हम
निगाहों
से
जाम
पीते
हैं
तेरी
तस्वीर
सामने
रखकर
करके
तुझ
सेे
कलाम
पीते
हैं
ग़म-ए-फ़ुर्क़त
में
दो
ही
घूँट
फ़क़त
आप
करते
हैं
नाम
पीते
हैं
आओ
पी
लो
के
सुब्ह
सादिक़
है
आओ
बैठो
है
शाम
पीते
हैं
मैं
ज़माने
को
मय-कदे
सा
लगूँ
आओ
इस
तरह
जाम
पीते
हैं
क़ैद
बोतल
में
हैं
अजब
जलवे
आज
बोतल
तमाम
पीते
हैं
घिर
के
आईं
घटाएँ
सावन
की
कीजे
कुछ
इंतिज़ाम
पीते
हैं
Read Full
Shadan Ahsan Marehrvi
Download Image
1 Like
ज़बाने
दाग़
में
मैंने
उसे
लिखी
चिट्ठी
मिज़ाजे
मीर
में
उसने
मुझे
जवाब
दिया
Shadan Ahsan Marehrvi
Send
Download Image
2 Likes
रोग
दिल
का
बड़ा
ही
सरकश
है
ये
सितम
नाज़-ए-तर्ज़-ए-महवश
है
है
नज़र
शोख़
की
मेरे
दिल
पर
और
हाथों
में
उसके
तरकश
है
राज़
हस्ती
के
ये
ख़ुदा
जाने
कौन
सूफ़ी
है
कौन
मयकश
है
राज़
मजनू
ने
ये
कहा
सब
सेे
हाए
उल्फत
बड़ी
ही
सरकश
है
है
तिलावत
में
कैफ़
किस
दर्जा
आज
मस्जिद
में
कोई
मयकश
है
है
नुमाया
जो
अक्स
परदे
में
ये
नज़ारा
भी
ख़ूब
दिलकश
है
Read Full
Shadan Ahsan Marehrvi
Download Image
2 Likes
देख
तेरे
फ़िराक़
में
जाना
किस
तरह
कट
रहा
दिसम्बर
है
Shadan Ahsan Marehrvi
Send
Download Image
2 Likes
दरमियाँ
फ़ासला
नहीं
होता
तू
अगर
बे-वफ़ा
नहीं
होता
साफ़
कहना
बुरा
नहीं
होता
मुझ
को
फिर
वसवसा
नहीं
होता
तुम
न
आते
अगर
गुलिस्ताँ
में
कोई
भी
गुल
खिला
नहीं
होता
ज़र्रे
ज़र्रे
में
है
ख़ुदा
पिन्हा
कोई
ज़र्रा
ख़ुदा
नहीं
होता
सच
तो
ये
है
कभी
बुराई
से
आदमी
का
भला
नहीं
होता
उन
किताबों
को
हम
नहीं
पढ़ते
जिन
में
ज़िक्र
आपका
नहीं
होता
मुद्दई
इश्क़
मर
भी
जाए
तो
इश्क़
का
खात्मा
नहीं
होता
मुद्दतों
शख़्स
जो
रहा
मुझ
में
उस
सेे
अब
राब्ता
नहीं
होता
तेरे
कूचे
से
जब
गुज़रता
हूँ
मुझको
अपना
पता
नहीं
होता
Read Full
Shadan Ahsan Marehrvi
Download Image
2 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Nigaah Shayari
Tanhai Shayari
Ijazat Shayari
Delhi Shayari
Beqarari Shayari