main rahe haq pe jaana chahti hooñ | मैं राहे हक़ पे जाना चाहती हूँ

  - Sana Hashmi
मैंराहेहक़पेजानाचाहतीहूँ
नज़रख़ुदसेमिलानाचाहतीहूँ
मुक़द्दरमेंमिरेखुशियाँनहींहैं
मैंफिरभीमुस्कुरानाचाहतीहूँ
पतंगोंकीतरहमैंख़ुदकोअक्सर
फ़ज़ाओंमेंउड़ानाचाहतीहूँ
मैंझुकसकतीनहींज़ालिमकेआगे
मैंसिरअपनाकटानाचाहतीहूँ
जहाँलबरेज़हैबेग़ैरतोंसे
ज़मीरअपनाबचानाचाहतीहूँ
जहाँपरछाँवभीहोधूपभीहो
इकऐसाघरबनानाचाहतीहूँ
मुझेख़ंजरमिरेअपनोंनेमारा
मैंग़ैरोंसेनिभानाचाहतीहूँ
कमालेज़ब्तकीयेइन्तिहाहै
मैंख़ुदकोआज़मानाचाहतीहूँ
बहुतकुछखोदियाअपनासनाने
अबउसकाअज्रपानाचाहतीहूँ
सना
  - Sana Hashmi
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