reza reza lamha lamha ghat rahi hai zindagi | रेज़ा रेज़ा लम्हा लम्हा घट रही है ज़िंदगी

  - Sana Hashmi
रेज़ारेज़ालम्हालम्हाघटरहीहैज़िंदगी
जानतेसबहैंहक़ीक़तआरज़ीहैज़िंदगी
लगरहाहैकोईअपनाहीनहींजैसेयहाँ
साथग़ैरोंकेहमारीयूँँकटीहैज़िंदगी
आतेजातेमरहलेहीउन्सियतकोखागए
कोफ़्तमेंगुज़रे,यक़ीननतीरगीहैज़िंदगी
सबखिलाड़ीहारबैठेबाज़ियाँअपनीयहाँ
खेलभीक्याक्यानिरालेखेलतीहैज़िंदगी
रबसेग़ाफिलजोहुएतो,रंज-ओ-ग़महीपाओगे
ऐनमुमकिनख़्वारहोनालाज़मीहैज़िंदगी
जोलकीरेंदेखकरदावाख़ुदाईकाकरे
चलनजूमीयेबता,कितनीबचीहैज़िंदगी
ख़ूबउजड़ाख़ूबसँवराआफ़तोंसेयेजहान
ता'क़यामत'सना'येआख़िरीहैज़िंदगी
  - Sana Hashmi
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